PM Kisan Samman Nidhi: ई-केवाईसी नहीं करवाने पर नहीं आएगी अगली किस्त, सरकार हुई सख्त

PM Kisan Samman Nidhi: पीएम किसान योजना के लाभार्थी अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं. इससे पहले ई-केवाईसी करवाना किसानों के लिए बहुत जरूरी है. जानें क्यों

PM Kisan Samman Nidhi: यदि आप पीएम किसान योजना के लाभार्थी हैं तो यह खबर आपको जरूर जानना चाहिए. इस योजना के तहत केंद्र की मोदी सरकार किसानों को 6000 रुपये की आर्थिक सहायता देती है. यह सहायता सीधे किसानों के बैंक खातों में साल में तीन बार भेजे जाते हैं. ये 2000 रुपये की तीन किस्त में दिए जाते हैं. अबतक योजना की 17 किस्त किसानों को दी जा चुकी है. अब उनको 18वीं किस्त का इंतजार है. इससे पहले किसानों को ई-केवाईसी करवाना जरूरी है. यदि किसान इसे नहीं करवाते तो हो सकता है कि उनके खाते में अगली किस्त न पहुंचे. तो आइए आपको ई-केवाईसी के बारे में बताते हैं.

ई-केवाईसी क्यों जरूरी है?

पीएम किसान योजना के अंतर्गत जो भी किसान लाभ प्राप्त करते हैं, उन्हें ई-केवाईसी करवाना जरूरी होता हैं. ऐसा करवाना इसलिए जरूरी होता है क्योंकि इसके माध्यम से सरकार आपकी पहचान कर पाती है और जान पाती है कि लाभ सही लाभार्थी तक पहुंचा या नहीं. कई लोग ऐसे हैं जो पात्र नहीं हैं और पीएम किसान योजना का लाभ ले रहे हैं. ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए सरकार एक्टिव हो चुकी है.

ई-केवाईसी नहीं करवाने पर क्या होगा?

यदि लाभार्थी पीएम किसान योजना से जुड़ते हैं और ई-केवाईसी नहीं करवाते हैं, तो आने वाली किस्त आपके खाते में नहीं पहुंचेगी. विभाग की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि योजना से जुड़ने वाले प्रत्येक किसान को ई-केवाईसी करवाना होगा.

कब शुरू की गई पीएम-किसान योजना?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 2019 के फरवरी के महीने में हुई थी. चाहे किसान की खेती की जमीन कितनी भी बड़ी क्यों न हो. योजना का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता है. किसान को योजना के लिए पात्र होना होगा.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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