Petrol-Diesel in Delhi : पेट्रोल पंप में नहीं मिल रहा पेट्रोल–डीजल, काटा जा रहा है चालान

Petrol-Diesel in Delhi : सीएक्यूएम के निर्देश पर गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए अधिकारी मंगलवार से सख्ती बरत रहे हैं. इसके लिए परिवहन विभाग ने दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और एमसीडी कर्मचारियों के साथ मिलकर एक विस्तृत योजना बनाई है. नियमों का पालन न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके.

Petrol-Diesel in Delhi : 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर 1 जुलाई, 2025 से ईंधन प्रतिबंध लागू हो गया है. दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी कैमरे और स्पीकर भी लगाए गए हैं. ईएलवी के मालिकों को चालान भी जारी किए जा रहे हैं. दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग स्थित एक पेट्रोल पंप का वीडियो न्यूज एजेंसी पीटीआई ने जारी किया है. यहां पेट्रोल भरवाने पहुंचे एक शख्स ने कहा, “यह सरकार द्वारा की गई एक अच्छी पहल है. इससे प्रदूषण खत्म हो जाएगा,” देखें वीडियो.

गाड़ियों को नहीं मिलेगा पेट्रोल–डीजल

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के आदेश के अनुरूप एक जुलाई यानी मंगलवार से पूरी दिल्ली के पेट्रोल पंप अब परिचालन मियाद पूरी कर चुके (ईओएल) गाड़ियों को पेट्रोल–डीजल नहीं मिलेंगे. इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए परिवहन विभाग ने दिल्ली पुलिस और यातायात कर्मियों के साथ मिलकर रणनीति तैयार की है. पुलिसकर्मी सुबह से ही पेट्रोल पंप में नजर आ रहे हैं.

दिल्ली में 350 पेट्रोल पंपों पर निगरानी

प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली में 350 पेट्रोल पंपों पर निगरानी रखी जा रही है. 1 से 100 नंबर तक के पंपों पर दिल्ली पुलिस और 101 से 159 तक के पंपों पर परिवहन विभाग की 59 टीमें तैनात किए गए हैं. पुराने डीजल (10 साल) और पेट्रोल (15 साल) वाहनों को ईंधन भरने से रोका जा रहा है.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘हमारे यातायात कर्मी यह सुनिश्चित करेंगे कि वाहन को जब्त कर लिया जाए और परिचालन मियाद पूरी कर चुके वाहन के मालिक का चालान काटा जाए.’’

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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