Rajasthan Election: जीतकर भी जश्न नहीं मना पाएंगी पार्टियां? ऐसा किया तो होगी कार्रवाई, जानें क्या है कारण

राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने कहा, सभी जिला अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में धारा 144 लगाई है और आदर्श आचार संहिता 5 दिसंबर तक लागू रहेगी इसलिए विजय जुलूस निकाले जाने पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है.

राजस्थान सहित सभी पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव का रिजल्ट रविवार 3 दिसंबर को आने वाला है. इसके साथ ही ईवीएम में कैद सभी उम्मीदवारों के किस्मत का फैसला हो जाएगा. लेकिन इस बीच राजस्थान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसमें बताया जा रहा है कि चुनाव में जीत दर्ज करने वाली पार्टी जश्न नहीं मना पाएंगी. अगर नियम का उल्लंघन किया तो पार्टियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है.

विजय जुलूस निकाला तो होगी कार्रवाई

राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने कहा, सभी जिला अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में धारा 144 लगाई है और आदर्श आचार संहिता 5 दिसंबर तक लागू रहेगी इसलिए विजय जुलूस निकाले जाने पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है. प्रवीण गुप्ता ने कहा, रविवार को राजस्थान के 199 विधानसभा सीटों के लिए 8 बजे से मतगणना होगी, इसकी तैयारी पूरी हो गई है. उन्होंने बताया, 74.62% वोटिंग हुई थी और 4,36,704 वोट पोस्टल बैलट के जरिए प्राप्त हुए हैं. इसके अलावा सर्विस वोटर्स के मत हमें अभी भी प्राप्त हो रहे हैं.

1862 उम्मीदवार आजमा रहे चुनावी किस्मत

राजस्थान में 199 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान में वोटों की गिनती रविवार होगी. इन सीट पर कुल 1862 उम्मीदवार अपना चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं.

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8.30 बजे से ईवीएम के जरिए डाले गए मतों की गिनती शुरू होगी

तीन दिसंबर को सुबह आठ बजे से सभी केंद्रों पर मतपत्र और 8.30 बजे से ईवीएम के जरिए डाले गए मतों की गिनती शुरू हो जाएगी. राज्य में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ कांग्रेस व मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी में माना जा रहा है.

राज और रिवाज बदलने की उड़ाई

राजस्थान चुनाव को राज (सरकार) और ‘रिवाज” बदलने की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है. बीते कुछ दशकों में परंपरागत रूप से राज्य में हर विधानसभा चुनाव में राज यानी सरकार बदल जाती है. एक बार कांग्रेस एक बार भाजपा. भाजपा को बाकी बातों के अलावा इस ‘रिवाज’ से बड़ी उम्मीद है जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस उम्मीद कर रही है कि इस बार यह ‘रिवाज’ बदलेगा और दोबारा उसकी सरकार बनेगी.

एक्जिट पोल के अनुसार राजस्थान में कांटे की टक्कर

30 नवंबर को आए एक्जिट पोल के अनुसार राजस्थान में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखी जा रही है. सत्तारूढ़ कांग्रेस व मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी, दोनों को सरकार बनाने की उम्मीद है. जहां अधिकांश एग्जिट पोल ने राज्य में भाजपा को बढ़त मिलने की भविष्यवाणी की है, तीन एग्जिट पोल ने कांग्रेस की जीत की भविष्यवाणी की है.

अशोक गहलोत का चलेगा जादू या हिंदुत्व के एजेंडे की होगी जीत

रविवार को मतगणना से यह स्पष्ट हो जाएगा कि मतदाताओं ने अशोक गहलोत सरकार के कामकाज, उसकी चर्चित लोककल्याणकारी योजनाओं तथा सात गारंटी के वादे पर भरोसा जताया या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जादू’ और भाजपा के हिंदुत्व के एजेंडे ने उन्हें प्रभावित किया.

मतगणना के लिए ड्यूटी पर तैनात होंगे 1121 एआरओ

मुख्य निर्वाचन अधिकारी गुप्ता ने बताया कि 199 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए सभी 36 केंद्रों पर मतगणना के लिए 1121 सहायक निर्वाचन अधिकारियों (एआरओ) की ड्यूटी लगाई गई है. राज्य में जयपुर, जोधपुर एवं नागौर में दो-दो केंद्रों पर और शेष 30 निर्वाचन जिलों में एक-एक केंद्र पर वोटों की गिनती की जाएगी. गुप्ता ने बताया कि 51890 मतदान केंद्रों पर ईवीएम में प्राप्त मतों की गणना के लिए मतगणना केंद्रों पर 2524 मेज लगाई गई हैं. इनमें कुल 4245 चरण में मतों की गिनती का कार्य पूरा होगा.

शिव विधानसभा क्षेत्र के लिए 41 चरण तक चलेगी मतगणना

शिव विधानसभा क्षेत्र के लिए मतगणना सर्वाधिक 41 चरण तक चलेगी, जबकि अजमेर दक्षिण के लिए मतगणना 14 चरण में ही पूरी हो जाएगी.

मतगणना स्थल और उसके आस-पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

मतगणना स्थल और उसके आस-पास के क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामात किए गए हैं. मतगणना प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा इंतजामों के अंतर्गत केन्द्रीय पुलिस बल और अन्य की व्यापक तैनाती रहेगी. उन्होंने बताया कि मतगणना स्थल पर प्रवेश के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है ताकि मतगणना स्थल पर किसी तरह का कोई व्यवधान नहीं आए. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि केन्द्रीय पुलिस बलों की 40 कंपनियां ईवीएम की सुरक्षा के लिए और आरएसी की 36 कंपनियां मतगणना केंद्रों पर तैनात रहेंगी. आरएएसी की 99 कम्पनियां विभिन्न जिलों में कानून-व्यवस्था के मद्देनजर तैनात की जाएंगी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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