निलंबित सांसदों से छिने ये अधिकार, जानें क्या-क्या नहीं कर सकेंगे

What suspension means for opposition MPs – संसद से निलंबित सांसदों को चैंबर, लॉबी और गैलरी में प्रवेश नहीं मिलेगा. यही नहीं, वे उन संसदीय समितियों की बैठकों से भी निलंबित रहेंगे, जिसके वे सदस्य हैं. इसके अलावा…

What Suspension Means for Opposition MPs : संसद से निष्कासित सांसदों के संसद में दाखिल होने पर रोक लग गई है. 19 दिसंबर दिन मंगलवार की देर रात लोकसभा सचिवालय ने सर्कुलर जारी कर इन सांसदों के पार्लियामेंट चैंबर, लॉबी और गैलरी में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

संसद के चैंबर, लॉबी और गैलरी में प्रवेश नहीं

संसद से निलंबित सांसदों को चैंबर, लॉबी और गैलरी में प्रवेश नहीं मिलेगा. यही नहीं, वे उन संसदीय समितियों की बैठकों से भी निलंबित रहेंगे, जिसके वे सदस्य हैं. इसके अलावा, वे समितियों के चुनावों में वोटिंग भी नहीं कर सकेंगे. उनके नाम पर लिस्ट ऑफ बिजनेस में कोई आइटम नहीं रखा गया है. निलंबन अवधि में सांसदों का दिया कोई भी नोटिस भी स्वीकार्य नहीं होगा.

Also Read: उपराष्ट्रपति के अपमान पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताई निराशा, कहा-अभिव्यक्ति मर्यादा के दायरे में हो

रोजाना भत्तों के भी हकदार नहीं

सांसद अगर पूरे सत्र के लिए निलंबित होते हैं, तो निलंबन अवधि के लिए रोजाना भत्तों के लिए वे हकदार नहीं होंगे, क्योंकि संसद सदस्य के वेतन भत्ते और पेंशन अधिनियम 1954 की धारा 2 (डी) के तहत ड्यूटी की जगह पर सांसद का निलंबित रहना, उनका ड्यूटी पर नहीं होना माना जा सकता है.

क्या संसद में आज भी जारी रह सकता है हंगामा ?

संसद के शीतकालीन सत्र का बुधवार को 13वां दिन है. संसद सुरक्षा चूक मामले और सांसदों के निलंबन पर विपक्ष का हंगामा आज भी जारी रह सकता है. 13 दिसंबर को संसद में हुई घुसपैठ के मामले पर विपक्ष गृहमंत्री के बयान की मांग कर रहा है. हंगामे की वजह से 19 दिसंबर तक विपक्ष के 141 सांसद सस्पेंड हो चुके हैं. इनमें 107 लोकसभा और 34 राज्यसभा के सांसद हैं.

Also Read: मल्लिकार्जुन खरगे बने विपक्ष के ‘पीएम फेस’ तो बीजेपी को कितना होगा नुकसान? जानें विस्तार से

आज संसद में क्या-क्या होगा ?

संसद से निलंबित हुए सांसदों में सबसे ज्यादा 57 कांग्रेस के हैं. इसी मुद्दे पर चर्चा के लिए कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने आज मीटिंग बुलाई है. इस निलंबन प्रकरण के बाद सदन में विपक्ष की संख्या मात्र एक-तिहाई रह गई है. आज की कार्यवाही में विपक्ष के लोकसभा में 102 और राज्यसभा में 94 सांसद भाग लेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >