Parliament Special Session : पीएम मोदी ने सेंट्रल हाॅल में कहा-पुरानी संसद को संविधान संसद कहा जाए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संसद में बनने वाला हर कानून, संसद में होने वाली हर चर्चा, संसद से जाने वाला हर संकेत, इंडियन इंस्पिरेशन को बढ़ावा देने वाला होना चाहिए.

Parliament Special Session : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन पुराने संसद भवन के सेंट्रल हाॅल में कहा कि संसद भवन का ये केंद्रीय कक्ष कई भावनाओं से भरा है. यह हमें भावुक भी करता हैं और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करता है. पीएम मोदी ने कहा कि आज इस भवन में संसद की कार्यवाही का अंतिम दिन है. इस भावुक क्षण में हमें कई बातें याद आ रही हैं. सेंट्रल हाॅल में 1947 में अंग्रेजी हुकुमत ने सत्ता का हस्तांतरण किया. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि पुरानी संसद को संविधान संसद का नाम दिया जा सकता है. यह भवन हमारे लिए हमेशा आदरणीय रहेगा.

भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संसद में बनने वाला हर कानून, संसद में होने वाली हर चर्चा, संसद से जाने वाला हर संकेत, इंडियन इंस्पिरेशन को बढ़ावा देने वाला होना चाहिए. आज भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. आज जबकि हम संसद के पुराने भवन से नए भवन में जा रहे हैं, हम सबके अंदर भारत को विकसित देश बनाने की इच्छा है. आज भारत नई चेतना के साथ पुनर्जागृत हो चुका है. विश्व भारत की इस बढ़ती ताकत को समझ चुका है और वे भारत की ओर देख रहे हैं. पीएम मोदी ने कि मेरा विश्वास है देश जिस दिशा में चल चुका है, इच्छित पर��णाम जल्द मिलेंगे. हम गति जितनी तेज करेंगे, परिणाम उतनी जल्दी मिलेगा.

हम एक भाग्यशाली वक्त में पैदा हुए

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि हम एक भाग्यशाली वक्त में पैदा हुए हैं. उन्होंने कहा कि इस संसद ने चार हजार से अधिक कानून पारित किए हैं. यह वही संसद है जिसने आर्टिकल 370 को हटाया. यह वही संसद ने जिसने मुसलमान बहू-बेटियों को तीन तलाक से मुक्ति दी है. ऐसी कई महत्वपूर्ण कामों में संसद की भूमिका अहम रही है. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देश के 140 करोड़ देशवासियों को गणेश चतुर्थी की अनेक शुभकामनाएं भी दीं.

Also Read: Parliament Special Session Live: सेंट्रल हाॅल में पीएम मोदी ने कहा-भारत को अब बड़े कैनवाॅस पर काम करना होगा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >