संसद की सुरक्षा चूक मामले में छठा आरोपी महेश गिरफ्तार, कोर्ट ने 7 दिन की हिरासत में भेजा

Parliament Security breach संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने की घटना का मुख्य आरोपी ललित झा ने गुरुवार को शाम में अपने सहयोगी महेश के साथ दिल्ली के कर्तव्य पथ पुलिस थाने में सरेंडर किया था. पूछताछ के बाद ललित को पुलिस ने उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था.

संसद की सुरक्षा में 13 दिसंबर को सेंध लगाने के मामले में छठे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. जिसकी पहचान महेश कुमावत के रूप में हुई है. बताया जा रहा, साजिश में महेश पूरी तरह से शामिल था. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने महेश को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया. दिल्ली पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के लिए 15 दिनों की हिरासत की मांग की. लेकिन कोर्ट ने आरोपी को 7 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया.

महेश 2 साल से दूसरे आरोपियों से जुड़ा था, साजिश की योजना में था शामिल

संसद की सुरक्षा चूक मामले में गिरफ्तार छठे आरोपी को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, महेश पिछले 2 साल से दूसरे आरोपियों से जुड़ा हुआ था. वह साजिश का हिस्सा था. वह लगभग सभी बैठकों में भाग लिया था. वह मुख्य आरोपी ललित झा के साथ मोबाइल फोन और साक्ष्य नष्ट करने के कृत्य में सक्रिय रूप से शामिल है.


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घटना के बाद महेश के घर पर ही रुका था मास्टरमाइंड ललित झा

महेश कुमावत राजस्थान के नागौर का रहने वाला है. वह भी 13 दिसंबर को ही दिल्ली आया था. उसी दिन लोकसभा के कक्ष में दो व्यक्ति दर्शक दीर्घा से कूद गए थे. बाद में दोनों ने अपने साथ जूते में छूपाकर ले गए स्मोक क्रैकर से धूंआ छोड़ा था. जिससे लोकसभा का कक्ष पूरी तरह से धूंआ-धूंआ हो गया था. उस घटना के बाद मास्टरमाइंड ललित झा महेश के घर पर ही रुका था. यह भी बताया जा रहा है कि आरोपियों के मोबाइल को ठिकाना लगाने में मेहश ने ललित की मदद की थी.

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महेश और ललित ने एक साथ किया था सरेंडर

गौरतलब है कि संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने की घटना का मुख्य आरोपी ललित झा ने गुरुवार को शाम में अपने सहयोगी महेश के साथ दिल्ली के कर्तव्य पथ पुलिस थाने में सरेंडर किया था. पूछताछ के बाद ललित को पुलिस ने उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था. लेकिन महेश के साथ लगातार पूछताछ हो रही थी. शनिवार को दोपहर में पुलिस से महेश को भी गिरफ्तार कर लिया.

संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में सभी छह आरोपी पुलिस गिरफ्त में

संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में अबतक 6 लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. मास्टरमाइंड ललित झा समेत पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की हिरासत में भेज दिया गया है. पटियाला हाउस कोर्ट ने सभी आरोपियों को 7 दिनों की हिरासत में भेजने का फैसला लिया. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो हिरासत की अवधि को और आगे भी बढ़ाया जाएगा. इस मामले में अबतक सागर शर्मा (26), मनोरंजन डी (34), अमोल शिंदे (25), नीलम देवी (37) और मास्टरमाइंड ललित झा की गिरफ्तारी हो चुकी है.

संसद की सुरक्षा में सेंध को 6 लोगों ने दिया अंजाम

संसद की सुरक्षा में सेंध ��ी घटना को 6 लोगों ने अंजाम दिया. चार आरोपियों को 13 दिसंबर के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था. जबकि बाद में ललित झा और महेश को गिरफ्तार किया गया. बताया जा रहा है कि सागर शर्मा, मनोरंजन डी, अमोल शिंदे, नीलम देवी मास्टरमाइंड ललित झा के घर पर रुके थे. वहीं से घटना की प्लानिंग हुई थी. सागर शर्मा, मनोरंजन डी लोकसभा के अंदर दर्शक दीर्घा से कूदे और घटना को अंजाम दिया. वहीं अमोल शिंदे, नीलम देवी संसद भवन के बाहर हंगामा किया और नारेबाजी की. घटना के दौरान पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया.

आरोपियों ने पहले आत्मदाह की बनाई थी योजना

आरोपियों ने सबसे पहले अपने शरीर को अग्निरोधक लेप से ढककर आत्मदाह करने पर विचार किया, लेकिन फिर यह विचार त्याग दिया. अधिकारी ने बताया कि उन्होंने संसद के अंदर पर्चे बांटने पर भी विचार किया, लेकिन आखिरकार संसद में धुआं फैलाने का विकल्प चुना.

क्या है पूरी घटना

आरोपी सागर शर्मा और मनोरंजन डी शून्यकाल के दौरान दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में कूद गए थे और उन्होंने ‘केन’ से पीली गैस उड़ाते हुए नारेबाजी की जिसके बाद सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया था. लगभग उसी समय संसद भवन के बाहर दो अन्य आरोपियों अमोल शिंदे और नीलम देवी ने ‘केन’ से रंगीन धुआं फैलाते हुए तानाशाही नहीं चलेगी के नारे लगाए थे. पांचवें आरोपी ललित झा ने परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर कथित तौर पर प्रसारित किए. बता दें कि सदन के भीतर सुरक्षा में सेंध लगाने वाले आरोपी को बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा के जरिए पास मिला था.

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By Arbindkumar mishra

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