Parliament: आतंकवाद के विरुद्ध भारत की लड़ाई में जापान ने समर्थन किया

आतंकवाद एक गंभीर वैश्विक चुनौती है, जिसे समाप्त करने के लिए सभी लोकतांत्रिक देशों को एकजुट होकर कार्यवाही करनी चाहिए. जापान के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के स्पीकर, महामहिम नुकागा फुकुशिरो ने पहलगाम में आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के विरुद्ध भारत की लड़ाई में जापान के समर्थन का आश्वासन दिया

Parliament: आतंकवाद की समस्या को समाप्त करने के लिए शांति, सुरक्षा और विधि के शासन के प्रति साझी प्रतिबद्धता वाले सभी लोकतांत्रिक देशों को एकजुट होकर कार्यवाही करनी होगी. आतंकवाद एक ऐसी गंभीर वैश्विक चुनौती है जो राष्ट्रीय सीमाओं से परे सभी देशों के लिए खतरा है.  आतंकवाद का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने और लोकतांत्रिक देशों के मूलभूत मूल्यों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के सम्मान और परस्पर विश्वास की भावना के साथ सामूहिक और कड़ी  कार्यवाही की जानी चाहिए. उक्त बातें लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को संसद भवन परिसर में जापान के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के स्पीकर, महामहिम  नुकागा फुकुशिरो के नेतृत्व में भारत यात्रा पर आए जापानी संसदीय शिष्टमंडल के साथ अपनी बैठक के दौरान कही.

महामहिम नुकागा फुकुशिरो ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के विरुद्ध भारत की लड़ाई में जापान के समर्थन की पुष्टि की. बिरला ने पहलगाम आतंकवादी हमले के मामले में भारत के साथ खड़े रहने के लिए जापान के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में, भारत और जापान की मित्रता विश्व में शांति, समृद्धि और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है. क्वाड, जी-20 और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भारत और जापान के बीच साझेदारी का उल्लेख करते हुए बिरला ने कहा कि क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के बारे में हमारी चिंताएँ और दृष्टिकोण एक समान है. 

वैश्विक मुद्दों पर भारत-जापान की चिंता और दृष्टिकोण एक समान

बिरला ने कहा कि परस्पर सहयोग पर आधारित हमारे संबंध  दोनों देशों के परस्पर लाभ और प्रगति के साथ ही इंडो-पेसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है. बदलते परिप्रेक्ष्य में इस मित्रता ने रणनीतिक और वैश्विक सहयोग का रूप ले लिया है. भारत और जापान के बीच मित्रता सभ्यतागत संपर्कों, बौद्ध धर्म की साझी विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति साझी प्रतिबद्धता पर आधारित है.यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में जापानी पर्यटक और तीर्थयात्री भारत आते हैं और बौद्ध धर्म से जुड़े स्थानों की यात्रा करते हैं, जिससे दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध और मजबूत हो रहे हैं. 

लोकसभा अध्यक्ष ने भारत के 50,000 से अधिक कुशल कर्मियों को जापान में विभिन्न क्षेत्रों में अवसर प्रदान किए जाने के जापान के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए जापान में भारतीय छात्रों को अधिक अवसर प्रदान करने और  भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग के आश्वासन के लिए जापान का आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर राज्य सभा के उपसभापति, हरिवंश; राज्य सभा सदस्य, संजय झा; लोक सभा सांसद, भर्तृहरि महताब, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और सुश्री कमलजीत सहरावत उपस्थित थे.

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