संसद में विस्फोट और दिल्ली के 15 स्कूलों को उड़ाने की धमकी, खालिस्तान के नाम पर मिला ईमेल

दिल्ली में सोमवार को 12 से अधिक विद्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल प्राप्त हुए. जबकि एक और ईमेल में संसद में विस्फोट की धमकी दी गई है. जिसके बाद बड़े पैमाने पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया. एहतियात के तौर पर स्कूलों को खाली कराया गया. इनमें से 8 धमकियां फर्जी घोषित किया गया.

धमकी भरे ईमेल में परेशान करने वाली और भड़काऊ सामग्री थी, जिसमें लिखा था, दिल्ली खालिस्तान बन जाएगी. पंजाब खालिस्तान है. अफजल गुरु की याद में.

13 फरवरी को संसद के अंदर विस्फोट की धमकी

एक ईमेल में धमकी दी गई कि 13 फरवरी को दोपहर एक बजकर 11 मिनट पर संसद के अंदर एक विस्फोट होगा. इसके मद्देनजर सुरक्षा सतर्कता और एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ा दिया गया है.

बम की धमकी मिलने के बाद बम निरोधक दस्ते की तैनाती

दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अनुसार, शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थित कई शैक्षणिक संस्थानों से सुबह के समय आपातकालीन कॉल प्राप्त हुए, जिसके बाद दमकल गाड़ियां और बम निरोधक दस्ते तुरंत उन स्थानों पर भेजे गए. डीएफएस के अनुसार, अभी तक कुल 15 विद्यालयों को बम की धमकी मिली.

दिल्ली के इन स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी

डीएफएस के एक अधिकारी ने बताया कि जिन विद्यालयों को धमकियां मिली हैं, उनमें दिल्ली छावनी स्थित लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल, श्रीनिवासपुरी और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित कैम्ब्रिज स्कूल, सादिक नगर स्थित द इंडियन स्कूल, आईएनए स्थित डीटीईए स्कूल, रोहिणी स्थित वेंकटेश्वर ग्लोबल स्कूल, रोहिणी और शालीमार बाग स्थित सीएम श्री स्कूल, पीतमपुरा में आधारशिला विद्यापीठ, शालीमार बाग स्थित मॉर्डन पब्लिक स्कूल एवं जसपाल कौर पब्लिक स्कूल, न्यू राजेंद्र नगर स्थित मानव स्थली स्कूल, द्वारका में राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय और रोहिणी स्थित बाल भारती स्कूल शामिल हैं.

बम की धमकी के बाद साइबर टीम अलर्ट

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ईमेल कहां से भेजे गए, इसका पता लगाने के लिए साइबर टीम को काम पर लगाया गया है, जबकि राजधानी में संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है. अधिकारियों ने बताया कि किसी भी स्कूल परिसर से अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है और तलाशी अभियान जारी है.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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