Parkash Singh Badal: प्रकाश सिंह बादल के निधन पर दो दिनों का राजकीय शोक, ऐसा रहा उनका राजनीतिक सफर

गृह मंत्रालय के पत्र में कहा गया, शोक के दिनों में, राष्ट्रीय ध्वज उन सभी भवनों पर आधा झुका रहेगा. जहां नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है और इन दो दिनों में कोई सरकारी समारोह आयोजित नहीं होगा.

केंद्र सरकार ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के निधन के मद्देनजर पूरे देश में दो दिन यानी 26 और 27 अप्रैल को राजकीय शोक की घोषणा की है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार देर रात सभी राज्यों को भेजे एक पत्र में कहा कि बादल का 25 अप्रैल को निधन हो गया और केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि दिवंगत नेता के सम्मान में पूरे देश में 26 और 27 अप्रैल को दो दिनों का राजकीय शोक रहेगा.

शोक के दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा

गृह मंत्रालय के पत्र में कहा गया, शोक के दिनों में, राष्ट्रीय ध्वज उन सभी भवनों पर आधा झुका रहेगा. जहां नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है और इन दो दिनों में कोई सरकारी समारोह आयोजित नहीं होगा.

पंजाब के पांच बार के मुख्यमंत्री रहे बादल का 95 साल की उम्र में निधन

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल का 95 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्हें करीब एक हफ्ते पहले मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. सांस लेने में असुविधा की शिकायत के बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

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प्रकाश बादल ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में बनाये कई रिकॉर्ड

अपने लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान, बादल पांच बार (1970-71, 1977-80, 1997-2002, 2007-12 और 2012-17 में) राज्य के मुख्यमंत्री पद पर रहे. बादल 94 साल की उम्र में पिछले साल राज्य विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले देश के सबसे उम्रदराज उम्मीदवार बने, जब वह 13वीं बार चुनावी मैदान में उतरे. वह, हालांकि मुक्तसर जिले के लांबी के अपने गढ़ को नहीं बचा सके. सात दशक से अधिक के राजनीतिक करियर में यह उनकी केवल दूसरी हार थी.

प्रकाश बादल के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बादल के निधन पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि बादल ने न सिर्फ पंजाब की प्रगति के लिए अथक प्रयास किये, बल्कि देश के विकास में भी बहुत योगदान दिया. बादल के निधन पर शोक जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, प्रकाश सिंह बादल के निधन से अत्यंत दुखी हूं. वह भारतीय राजनीति के एक विशाल व्यक्तित्व और एक उल्लेखनीय राजनेता थे. उन्होंने हमारे राष्ट्र के विकास में बहुत योगदान दिया. उन्होंने पंजाब की प्रगति के लिए अथक प्रयास किया और महत्वपूर्ण समय के दौरान राज्य को नेतृत्व दिया. मोदी ने कहा, मुझे उनसे कई बातचीत याद है, जिसमें उनकी बुद्धिमत्ता हमेशा स्पष्ट रूप से झलकती थी. उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदना.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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