Panchayati Raj: अब पंचायत स्तर पर लोगों को मिलेगी मौसम पूर्वानुमान की जानकारी

मौसम का पूर्वानुमान पंचायती राज मंत्रालय के डिजिटल प्लेटफॉर्म ई-ग्राम स्वराज के जरिये प्रसारित किया जायेगा. यह प्लेटफार्म गवर्नेंस को सशक्त बनाने, प्रोजेक्ट की ट्रैकिंग और संसाधन प्रबंधन का काम करता है.

Panchayati Raj: अब देश के हर गांव में रियल टाइम मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी मिल सकेगी. इसका मकसद ग्रामीण समुदाय को सशक्त बनाना और जमीनी स्तर पर आपदा से निपटने की तैयारी मजबूत करना है. पंचायत स्तर पर मौसम की सटीक जानकारी मिलने से किसान और गांव के लोगों को फायदा होगा. इस बाबत केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय 24 अक्टूबर को भारतीय मौसम विभाग के साथ मिलकर ग्राम पंचायत स्तर पर रियल टाइम मौसम पूर्वानुमान की सुविधा शुरू करने जा रहा है. केंद्र सरकार के 100 दिन के एजेंडे के तहत इस पहल का उद्देश्य जमीनी स्तर पर गवर्नेंस को मजबूत करना, सतत कृषि तरीके को बढ़ावा देना और ग्रामीण आबादी को मौसम के अनुकूल और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है. 

पंचायत स्तर पर मौसम के पूर्वानुमान की होगी सुविधा 

देश में पहली बार स्थानीय पंचायत स्तर पर मौसम पूर्वानुमान की सुविधा उपलब्ध होगी और इसके लिए भारतीय मौसम विभाग का विस्तारित सेंसर कवरेज सहयोग देगा. पूर्वानुमान पंचायती राज मंत्रालय के डिजिटल प्लेटफॉर्म ई-ग्राम स्वराज के जरिये प्रसारित किया जायेगा. यह प्लेटफार्म गवर्नेंस को सशक्त बनाने, प्रोजेक्ट की ट्रैकिंग और संसाधन प्रबंधन का काम करता है. मेरी पंचायत एप सामुदायिक भागीदारी को स्थानीय प्रतिनिधि से संवाद करने, मुद्दे उठाने का मंच प्रदान कर बढ़ावा देता है, जबकि ग्राम मानचित्र स्थान संबंधी योजना टूल है. इस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह, विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं अर्थ साइंस मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) मंत्री जितेंद्र सिंह, पंचायती राज मंत्रालय के राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज, अर्थ साइंस मंत्रालय के सचिव एम रविचंद्रन, भारतीय मौसम विभाग के डीजी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे. 

क्या-क्या होंगे फायदे

पंचायत स्तर पर मौसम पूर्वानुमान के लांच के मौके पर ट्रेनिंग वर्कशॉप का आयोजन किया जायेगा. इस वर्कशॉप में 150 प्रतिनिधि, जिसमें पंचायत प्रतिनिधि, राज्य के पंचायती राज विभाग के अधिकारी शामिल होंगे. ट्रेनिंग वर्कशॉप का मकसद पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा मौसम पूर्वानुमान के टूल्स और संसाधनों के समुचित प्रयोग करने में दक्ष बनाना है ताकि मौसम के अनुकूल फैसले ले सकें. मौजूदा समय में मौसम के चक्र का आकलन करना काफी मुश्किल होता जा रहा है. ऐसे में पंचायत स्तर पर मौसम पूर्वानुमान की सुविधा होने से कृषि आजीविका और प्राकृतिक आपदा से निपटने में मदद मिलेगी. ग्राम पंचायत को रोजाना तापमान, बारिश, हवा की स्पीड और बादल की जानकारी मिलेगी. इस जानकारी से किसानों को बुवाई, सिंचाई और कटाई संबंधी फैसला लेने में मदद मिलेगी. इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधि को मौसम संबंधी  जैसे भारी बारिश, चक्रवात की जानकारी एसएमएस के जरिये मिलेगी, ताकि वे जानमाल की सुरक्षा संबंधी उपाय तत्काल उठा सकें.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >