अजमल आमिर कसाब अपने 10 साथियों के साथ समुद्र के रास्ते देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में दाखिल हुआ और पूरी मुंबई को तीन दिन तक बंधक बनाये रखा. वर्ष 2008 में भारत पर हुए इस सबसे बड़े आतंकी हमले में कसाब और उसके साथियों ने 170 लोगों को मौत के घाट उतार दिया.
कहीं गुजरात में भी ऐसे ही हमले की साजिश तो नहीं रची गयी थी. पाकिस्तानी बोट पर सवार होकर आये 13 लोगों के इरादे क्या थे? गुजरात की देवभूमि द्वारका के रास्ते भारत की जल सीमा में ये लोग क्यों दाखिल हुए थे? तटरक्षक बल के अधिकारी इन्हें हिरासत में लेकर इन सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश कर रहे हैं.
गुजरात में रक्षा मंत्रालय के एक जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) ने बताया कि 14 सितंबर को एक पाकिस्तानी बोट ‘अल्लाह पावावाकाल’ पर सवार होकर 13 पाकिस्तानी नागरिक भारत की जल सीमा में दाखिल हुए थे. इस बोट को इंडियन कोस्ट गार्ड शिप राजरतन ने रोका और उस पर सवार क्रू मेंबर समेत सभी 13 लोगों को हिरासत में ले लिया. इनसे पूछताछ की जा रही है.
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जनसंपर्क अधिकारी ने बताया है कि इस पाकिस्तानी नाव को ओखा लाया गया है. नाव पर सवार सभी 13 लोगों से वहां पर सघन पूछताछ की जा रही है. ये लोग कौन हैं और भारतीय जल सीमा में दाखिल होने की इनकी मंशा क्या थी, यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है.
तालिबान की वापसी से पाकिस्तान के हौसले बुलंद
ज्ञात हो कि जब से अफगानिस्तान में तालिबान का शासन लौटा है, तभी से पाकिस्तान के हौसले बुलंद हैं और वह अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा. लगातार भारत में आतंकवादी हमलों की साजिशें रच रहा है. दो दिन पहले ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकवादियों के पाकिस्तान मॉड्यूल का खुलासा किया था.
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 6 आतंकवादियों को देश के अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया. इनमें से 2 ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने पाकिस्तान में उन्हें ट्रेनिंग दी. भारत के अलग-अलग हिस्से में हमले करने के लिए हथियार और विस्फोटक भी उन्हें मुहैया कराये.
Posted By: Mithilesh Jha
