पहलगाम आतंकवादी हमले की बरसी: कश्मीर में बढ़ाई गई सुरक्षा, QR कोड स्कैनिंग सिस्टम शुरू

Pahalgam Terror Attack: कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी की थी. जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी. आतंकवादी घटना का एक साल पूरा होने वाला है. पहली बरसी से पहले कश्मीर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

Pahalgam Terror Attack: हमले की पहली बरसी के मद्देनजर घाटी के पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सभी सुरक्षा एजेंसियों को पर्यटन स्थलों के आसपास, किसी भी संभावित विध्वंसक गतिविधि के प्रति सतर्क रहने के लिए कहा गया है.

पहलगाम में QR कोड स्कैनिंग सिस्टम शुरू

पहलगाम रिजॉर्ट में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई नए उपाय लागू किए गए हैं. पहलगाम में एक QR कोड स्कैनिंग सिस्टम शुरू किया. यह डिजिटल पहल पर्यटकों, सेवा देने वालों और स्थानीय व्यवसायों का रियल-टाइम वेरिफिकेशन करने में मदद करती है, जिससे बेहतर निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित होती है. यह सिस्टम पोनी की सवारी कराने वालों, फेरीवालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ-साथ बाहरी विक्रेताओं सहित वास्तविक और पंजीकृत सेवा प्रदाताओं की आसान पहचान और सत्यापन को सक्षम बनाती है.

सर्विस प्रोवाइडर की हो रही पुलिस जांच

प्रत्येक सर्विस प्रोवाइडर की पुलिस जांच की जा रही है, अधिकारियों ने उनका पंजीकरण कराया है और उन्हें एक विशिष्ट क्यूआर कोड प्रदान किया गया है जिसमें उस व्यक्ति के बारे में व्यक्तिगत जानकारी और अन्य विवरण दर्ज हैं. पर्यटक अपने मोबाइल फोन से कोड को स्कैन करके संबंधित व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

क्यूआर कोड में क्या-क्या रहेगी जानकारी?

क्यूआर कोड में सेवा प्रदाता का नाम, पिता का नाम, विस्तृत पता, मोबाइल नंबर, आधार संख्या, पंजीकरण संख्या, परिचालन मार्ग और पुलिस द्वारा सत्यापित होने या न होने की जानकारी शामिल होती है.

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Published by: ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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