Padma Awards 2024: पहली महिला महावत पार्वती बरुआ, आदिवासी पर्यावरणविद् चामी मुर्मू सहित इन्हें पद्म श्री

पुरुलिया के सिंदरी गांव के आदिवासी पर्यावरणविद् दुखू मांझी को भी पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा. उन्होंने सामाजिक कार्य (पर्यावरण वनीकरण) के क्षेत्र में काम करते हुए हर दिन अपनी साइकिल पर नए गंतव्यों की यात्रा करते हुए, बंजर भूमि पर 5,000 से अधिक बरगद, आम और ब्लैकबेरी के पेड़ लगाए.

भारत की पहली महिला महावत पार्वती बरुआ, आदिवासी पर्यावरणविद् चामी मुर्मू, मिजोरम की सामाजिक कार्यकर्ता संगथंकिमा को पद्म श्री से सम्मानित किया गया. पार्वती बरुआ ने 14 साल की उम्र में जंगली हाथियों को वश में करना शुरू कर दिया था.

पुरुलिया के सिंदरी गांव के आदिवासी पर्यावरणविद् दुखू मांझी का मिला पद्म श्री

पुरुलिया के सिंदरी गांव के आदिवासी पर्यावरणविद् दुखू मांझी को भी पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा. उन्होंने सामाजिक कार्य (पर्यावरण वनीकरण) के क्षेत्र में काम करते हुए हर दिन अपनी साइकिल पर नए गंतव्यों की यात्रा करते हुए, बंजर भूमि पर 5,000 से अधिक बरगद, आम और ब्लैकबेरी के पेड़ लगाए.

जशपुर के जागेश्वर यादव को भी पद्म श्री, बिरहोर पहाड़ी कोरवा जनजातियों के लिए किया काम

छत्तीसगढ़ जशपुर के आदिवासी कल्याण कार्यकर्ता जागेश्वर यादव को भी पद्म श्री पुरस्कार के लिए चुना गया है. उन्होंने बिरहोर, पहाड़ी, कोरवा जनजातियों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया.

सरायकेला खरसावां की चामी मुर्मू को भी पद्म श्री

झारखंड के सरायकेला खरसावां की आदिवासी पर्यावरणविद् और महिला सशक्तिकरण चैंपियन चामी मुर्मू को सामाजिक कार्य (पर्यावरण वनीकरण) के क्षेत्र में पद्म श्री दिया जाएगा.

पद्म श्री 2024 विजेता

  • पार्वती बरुआ – भारत की पहली महिला महावत

  • चामी मुर्मू – प्रसिद्ध आदिवासी पर्यावरणविद्

  • संगथंकिमा – मिजोरम की सामाजिक कार्यकर्ता

  • जागेश्वर यादव – आदिवासी कल्याण कार्यकर्ता

  • गुरविंदर सिंह-सिरसा के दिव्यांग सामाजिक कार्यकर्ता

  • सत्यनारायण बेलेरी – कासरगोड के चावल किसान

  • दुखु मांझी – सिंदरी गांव के आदिवासी पर्यावरणविद्

  • के चेल्लाम्मल – अंडमान के जैविक किसान

  • हेमचंद मांझी – नारायणपुर के चिकित्सक

  • यानुंग जमोह लेगो – अरुणाचल प्रदेश के हर्बल चिकित्सा विशेषज्ञ

  • सोमन्ना – मैसूरु के आदिवासी कल्याण कार्यकर्ता

  • सरबेश्वर बसुमतारी – चिरांग के आदिवासी किसान

  • प्रेमा धनराज – प्लास्टिक सर्जन और सामाजिक कार्यकर्ता

  • उदय विश्वनाथ देशपांडे – अंतर्राष्ट्रीय मल्लखंभ कोच

  • यज़्दी मानेकशा इटालिया – सिकल सेल एनीमिया में विशेषज्ञ माइक्रोबायोलॉजिस्ट

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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