कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर मोदी सरकार को एक बार फिर निशाने पर लिया है. शनिवार को चिदंबरम ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास कहते हैं कि मांग में गिरावट आई है, 2020-21 में विकास नकारात्मक क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है. फिर वो अधिक तरलता को क्यों प्रभावित कर रहे हैं? उन्हें सरकार को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि “अपना काम करो, राजकोषीय उपाय करो…
आगे चिदंबरम ने लिखा कि RBI के कथन के बाद भी, क्या पीएमओ या वित्त मंत्री खुद की ऐसे पैकेज के सराहना कर रहे हैं जिसमें GDP का 1% से कम राजकोषीय प्रोत्साहन है? आरएसएस को शर्म आनी चाहिए कि कैसे सरकार ने अर्थव्यवस्था को नकारात्मक विकास के क्षेत्र में खींच लिया है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शशिकांत दास द्वारा मौजूदा वित्त वर्ष में विकास दर नकारात्मक रहने की संभावना जताए जाने की पृष्ठभूमि में शनिवार को कहा कि दास को सरकार से अपना फर्ज निभाने एवं राजकोषीय उपाय करने के लिए कहना चाहिए.
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आपको बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कोविड-19 संकट के प्रभाव को कम करने के लिए ब्याज दरों में कटौती, कर्ज अदायगी पर ऋण स्थगन को बढ़ाने और कॉरपोरेट को अधिक कर्ज देने के लिए बैंकों को इजाजत देने का फैसला किया. आरबीआई ने प्रमुख उधारी दर को 0.40 प्रतिशत घटा दिया. मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की अचानक हुई बैठक में वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए रेपो दर में कटौती का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया. इस कटौती के बाद रेपो दर घटकर चार प्रतिशत हो गई है, जबकि रिवर्स रेपो दर 3.35 प्रतिशत हो गई है.
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कर्ज किस्त चुकाने से और तीन माह की छूट कस विमानन कंपनियों को होगा लाभ: पुरी
इधर केंद्रीय नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि रिजर्व बैंक द्वारा ऋण की किस्त के भुगतान से राहत की अवधि बढ़ाने से विमानन क्षेत्र की कंपनियों मसलन हवाईअड्डों, एयरलाइंस और जमीनी कार्य करने वाली कंपनियों को लाभ होगा. इन कंपनियों के पास नकदी प्रवाह बढ़ सकेगा. भारतीय रिजर्व बैंक ने कोविड-19 संकट के मद्देनजर कर्जदारों को ऋण की किस्त का भुगतान और तीन महीने तक नहीं करने की छूट दी है. अब भुगतान छूट की सीमा को बढ़ाकर 31 अगस्त, 2020 कर दिया गया है.
