Operation Sindoor: ‘जल्द हो सकता है अगला युद्ध,’ सेना प्रमुख बोले- तैयार और सतर्क रहना जरूरी

Operation Sindoor: भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे और राजनीति के बीच सेना प्रमुख ने बड़ी बात कह दी है. उन्होंने आगाह किया है कि अगला युद्ध बहुत जल्द हो सकता है. इसके लिए सतर्क और तैयार रहने की जरूरत है.

Operation Sindoor: थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को किसी भी पारंपरिक मिशन से अलग बताया. साथ ही उन्होंने अभियान को शतरंज की बाजी जैसा भी बताया. सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘हमें नहीं पता था कि दुश्मन की अगली चाल क्या होगी.”

अगले युद्ध के लिए रहना होगा तैयार: सेना प्रमुख

सेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के साथ-साथ ये भी कहा कि अगले युद्ध के लिए हमें तैयार रहना होगा. जंग के लिए तैयारी करनी होगी. उन्होंने इसके लिए ड्रोन की डिमांड भी कर दी है. साथ ही सेना प्रमुख ने कहा- दुनिया में अभी 56 संघर्ष चल रहे हैं. 92 देश किसी न किसी संघर्ष में शामिल हैं.

ऑपरेशन सिंदूर में हमने शतरंज की बाजी खेली : सेना प्रमुख

IIT मद्रास में एक समारोह को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख ने 22 अप्रैल के पहलगाम हमले के जवाब में आतंकी ढांचे को निशाना बनाकर मई में की गई भारत की निर्णायक सैन्य कार्रवाई की जटिलताओं को याद किया. उन्होंने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर में हमने शतरंज की बाजी खेली. इसका क्या मतलब है? इसका मतलब है कि हमें नहीं पता था कि दुश्मन की अगली चाल क्या होगी और हम क्या करने वाले हैं. इसे हम ‘ग्रे जोन’ कहते हैं. ‘ग्रे जोन’ का मतलब है कि हम पारंपरिक ‘ऑपरेशन’ नहीं कर रहे, लेकिन हम कुछ ऐसा कर रहे हैं जो पारंपरिक ‘ऑपरेशन’ से थोड़ा हटकर हो.’’

सेना प्रमुख ने बताया पारंपरिक ऑपरेशन और ग्रे जोन में क्या है अंतर

सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘पारंपरिक ‘ऑपरेशन’ का मतलब है, सबकुछ लेकर जाओ, जो कुछ आपके पास है उसे ले जाएं और अगर आप वापस आ सकते हैं तो वापस आ जाएं, नहीं तो वहीं रहें. इसे पारंपरिक तरीका कहा जाता है. यहां, ‘ग्रे जोन’ का मतलब है कि हर क्षेत्र में होने वाली कोई भी गतिविधि, हम इसी के बारे में बात कर रहे हैं और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने हमें सिखाया कि यही ‘ग्रे जोन’ है.’’

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

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