Operation Sindoor: संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में कांग्रेस ने विदेश मंत्री द्वारा पाकिस्तान को कथित तौर पर सूचना दिए जाने के विवाद को उठाया. जिसपर सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ स्तर के अलावा किसी भी तरह से कोई बातचीत नहीं हुई, और वह भी हमलों के बाद ही. विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने बताया, “घटनाक्रम इस प्रकार रहा – आतंकी ठिकानों पर हमला हुआ, पीआईबी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की, भारत के डीजीएमओ ने पाकिस्तानी डीजीएमओ से संपर्क किया.”
तुर्की, अजरबैजान और चीन को छोड़कर सभी देशों से भारत का दिया साथ
संसदीय समिति की बैठक में विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा, “चूंकि हमने इसे आतंक के खिलाफ लड़ाई/अभियान बनाया, इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भारत का समर्थन किया. यह पाकिस्तान के खिलाफ़ नहीं था, इसलिए सिर्फ़ तीन देशों – तुर्की, अजरबैजान और चीन को छोड़कर सभी देशों से समर्थन मिला.”
भारत के हमले से पाकिस्तान की पोल खुल गई
सीमा पार आतंकवाद पर आज हुई संसदीय सलाहकार समिति की बैठक के बारे में डॉ एस जयशंकर ने कहा, भारत सरकार की रणनीति, जिसमें कूटनीतिक पहल शामिल थी, के बारे में बताया गया. भारत ने आतंकी ठिकानों पर हमला किया, जिससे पाकिस्तान की पोल खुल गई, जो आतंकवाद के केंद्र तीन प्रमुख शिविरों की रक्षा नहीं कर सका. इससे पाकिस्तानी सेना के मनोबल पर असर पड़ा है.
