ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए भारत तैयार, आर्मी चीफ की चेतावनी- भूगोल में रहना है तो आतंकवाद छोड़‍े पाकिस्तान

Operation Sindoor 2.0: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को खुली चुनौती दे डाली है. उन्होंने राजस्थान के अनूपगढ़ में ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के बारे में बताया कि भारत इसके लिए तैयार है. उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर उसे भूगोल में रहना है, तो हर हाल में आतंकवाद को छोड़ना होगा.

Operation Sindoor 2.0: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि भारत ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयार है. सेना ने पूरी तैयार कर ली है. उन्होंने पाकिस्तान को शख्स चेतावनी देते हुए कहा- पाकिस्तान को अगर भूगोल में रहना है, तो हर हाल में उसे आतंकवाद छोड़ना होगा.

अगर हमें मौका मिलता है, तो हम पूरी तरह तैयार : सेना प्रमुख

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के बारे में कहा- “यहां मेरे दौरे का मकसद यह देखना था कि अगर ऑपरेशन सिंदूर 2.0 होता है तो हमारी तैयारी क्या है. मुझे विश्वास है कि अगर हमें मौका मिलता है, तो हम पूरी तरह तैयार हैं. जब भी हमें मौका मिलेगा, आप निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम की ओर बढ़ेंगे और नतीजे हमारे पक्ष में होंगे.”

इस बार कार्रवाई ऐसी होगी कि शायद पाकिस्तान को सोचना पड़ेगा : सेना प्रमुख

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा- “भारत इस बार पूरी तरह तैयार है. हम ऑपरेशन सिंदूर 1.0 के दौरान दिखाए गए संयम को नहीं दिखाएंगे. इस बार कार्रवाई ऐसी होगी कि शायद पाकिस्तान को सोचना पड़ेगा कि क्या वह भौगोलिक रूप से अस्तित्व में रहना चाहता है. अगर पाकिस्तान भौगोलिक रूप से अपनी स्थिति बनाए रखना चाहता है, तो उसे अपने राज्य प्रायोजित आतंकवाद को रोकना होगा.”

जब तक हम जीवित रहेंगे, ऑपरेशन सिंदूर 1.0 हमारे साथ रहेगा : सेना प्रमुख

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सेना के जवानों से कहा, “ऑपरेशन सिंदूर 1.0 के लिए, रक्षा मंत्री ने मुझसे विशेष रूप से कहा कि जब भी मैं आपसे मिलूं, तो मुझे आपको बताना चाहिए कि इसकी सफलता का पूरा श्रेय आप सभी को जाता है…ऑपरेशन सिंदूर 1.0 हमारे जीवन से इस तरह जुड़ा हुआ है कि जब तक हम जीवित रहेंगे, यह हमारे साथ रहेगा. जब भी कोई महिला अपने माथे पर सिंदूर लगाती है, तो वह उन वर्दीधारी व्यक्तियों को याद करती है जो हमेशा देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं.”

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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