पूरी दुनिया में कोरोना(coronavirus) का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) तबाही मचा रहा है. तेजी से अपने चपेट में लेने वाला यह स्वरूप कोरोना की नई लहर के तौर पर चुनौती बना हुआ है. वहीं, पिछले करीब 2 सालों से इसकी तबाही झेल रहे लोगों के मन में ओमिक्रॉन को लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं. ऐसे में एक बार नए वैरिएंट के संक्रमण का शिकार हो चुके लोगों को फिर से संक्रमित होने का डर सता रहा है. इन्हीं सब सवालों का जवाब अमेरिकी महामारी विज्ञानी एरिक फीगल-डिंग ने दिया है. उन्होंने साफ कहा कि ओमिक्रॉन के चपेट में आने के बाद फिर से इसके संक्रमण का खतरा संभव है.
एरिक फीगल-डिंग ने कहा कि अगर पहला ओमिक्रॉन संक्रमण हल्का और कम दिनों का था और प्रतिरक्षा प्रणाली पूरी तरह से उत्तेजित नहीं कर पाया था तो इससे फिर से संक्रमित होने की पूरी संभावना है. ट्वीट के जरिए अमेरिकी महामारी विशेषज्ञ ने बताया कि ओमिक्रॉन संक्रमण के बाद फिर से संक्रमित होने के खतरे को लेकर कई तरह के शोध हाल के दिनों में किए गए हैं. वहीं, कोरोना की वैक्सीन के इस पर प्रभाव को लेकर उन्होंने कहा कि वैक्सीन कोरोना के संक्रमण से नहीं बचाती बल्कि इसकी गंभीरता को कम करती है. ऐसे में इससे सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि इसका संक्रमण काफी तेजी से फैलता है. कोरोना प्रोटोकॉल का पालन और उचित बचाव से ही इससे बचा जा सकता है.
बता दें कि भारत में भी कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की वजह से संक्रमण की रफ्तार बढ़ी है. ऐसा माना जा रहा है कि ओमिक्रॉन सामुदायिक स्तर में फैल चुका है. जिस वजह से अचानक संक्रमण में तेजी आई है. देश में ओमिक्रॉन के अबतक करीब 6041 मामले सामने आ चुके हैं. जबकि यह देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक फैल चुका है. वहीं, देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,68,833 नए मामले सामने आए चुके हैं.
