Om Birla : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में कहा कि किसी भी सदस्य को नियमों से परे जाकर सदन में बोलने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा ही यह कोशिश की है कि सदन की कार्यवाही को निष्पक्षता और नियमों के अनुरूप चलाऊं. ओम बिरला ने अपने खिलाफ लाये गए प्रस्ताव के निरस्त हो जाने के बाद सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए उक्त बातें कहीं.
संवैधानिक मर्यादा के अनुसार जिम्मेदारी निभाने का प्रयास करूंगा
विपक्ष ने ओम बिरला पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने के लिए प्रस्ताव लाया था. ओम बिरला ने सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ संवैधानिक मर्यादा का पालन करूंगा. उन्होंने कहा कि लोकसभा के सदस्यों ने उनपर जो विश्वास जताया है उसे वे अपनी जिम्मेदारी समझते हुए निभाएंगे.
विपक्ष के नेता को बोलने नहीं देने का आरोप गलत
ओम बिरला ने कहा कि विपक्ष नेता को बोलने नहीं देने का आरोप सरासर गलत है. विपक्ष के नेता जिस विषय पर चर्चा हो रही है, उससे इतर विषयों पर अपनी बात रखने लगते हैं, जबकि नियमों के विपरीत जाकर बोलने का अधिकार सदन में किसी को भी नहीं है. प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों को भी अध्यक्ष से अनुमति लेकर ही अपनी बात कहनी होती है. नेता प्रतिपक्ष नियमों से ऊपर नहीं हो सकते हैं. अगर वे नियमों के अनुसार अपनी बात रखेंगे, तो उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जायेगा ; यह बात बिलकुल गलत है.
माइक बंद कर देने का अधिकार अध्यक्ष के पास नहीं
ओम बिरला ने विपक्ष के नेताओं को बोलने नहीं देने और उनका माइक बंद कर देने के आरोपों पर कहा कि अध्यक्ष के पास यह अधिकार नहीं है कि वे किसी सदस्य का माइक बंद या शुरू कर सकें. विपक्ष के जो नेता पीठासीन अध्यक्ष हैं, उन्हें इस संबंध में पूरी जानकारी है.
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