Om Birla: विदेश में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र भारतीय मूल्यों और संस्कृति के दूत

भारत सरकार दुनिया के हर कोने में रह रहे भारतीयों की चिंता करती है. ‘मदद’ पोर्टल जैसी पहल और विदेशों में स्थित भारतीय दूतावास की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करती है कि भारतीय छात्रों को उनकी शिक्षा, सुरक्षा और करियर की संभावनाओं में कोई बाधा न आए.

Om Birla: आज न्यू इंडिया को अवसरों की भूमि के रूप में जाना जाता है. न्यू इंडिया में हर क्षेत्र में तेजी से सुधार हो रहा है. आयुष्मान भारत जैसी राष्ट्रीय पहल से पूरे देश में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में व्यापक अवसर उपलब्ध हुआ है. समरकंद मेडिकल यूनिवर्सिटी में भारतीय छात्रों के साथ बातचीत के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत के नेटवर्क में सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों के जुड़ने के कारण योजना में डॉक्टरों के लिए बहुमूल्य अनुभव प्राप्त करने और देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में योगदान करने के अपार अवसर मौजूद हैं.

देश में चिकित्सा अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास से  छात्रों के लिए शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों में काम करने के लिए भी कई मौके उपलब्ध है. विदेश में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि छात्र भारतीय मूल्यों और संस्कृति के दूत हैं. हजारों मील दूर रहने के बावजूद छात्र भारतीय मूल्यों से जुड़े हुए हैं और इनका प्रचार-प्रसार अपने मेजबान देशों में भी करते हैं. भारत के सांस्कृतिक और शैक्षिक प्रतिनिधियों के रूप में छात्र, भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मित्रता और सहयोग को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.


भारत सरकार छात्रों को देती है हर संभव मदद


लोकसभा अध्यक्ष ने छात्रों से कहा कि भारत सरकार दुनिया के हर कोने में रह रहे भारतीयों की चिंता करती है. ‘मदद’ पोर्टल जैसी पहल और विदेशों में स्थित भारतीय दूतावास की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करती है कि भारतीय छात्रों को उनकी शिक्षा, सुरक्षा और करियर की संभावनाओं में कोई बाधा न आए. गर्व की बात है कि भारतीय डॉक्टरों की वैश्विक पहचान है और आपको इस परंपरा को आगे बढ़ाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा उत्कृष्ट चिकित्सक तैयार किए हैं और ये छात्र अपने ज्ञान और कौशल से पूरी दुनिया की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करेंगे.

छात्रों का वैश्विक अनुभव उनके मेडिकल करियर में और अधिक सफलता का मार्ग प्रशस्त करेगा और उनकी कड़ी मेहनत वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई दिशा देगी. छात्रों से अपने ज्ञान और कौशल को बढ़ाने के साथ ही अपने भीतर समर्पण और करुणा जैसे मूल्यों का भी समावेश करना चाहिए. भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत के बारे में बात करते हुए बिरला ने कहा कि भारत आज दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था है. प्रवासी भारतीय निवेश और नवाचार के माध्यम से देश के विकास में योगदान दे सकते हैं.

भारत और उज्बेकिस्तान का संबंध पुराना


लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के संबंध आधिकारिक यात्राओं और दस्तावेजों तक ही सीमित नहीं है बल्कि आपसी संपर्क, मेलजोल, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और दोनों देशों के लोगों के बीच परस्पर सम्मान पर भी टिके हुए हैं. भारत और उज्बेकिस्तान के ऐतिहासिक संबंधों को सुदृढ़ करने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है क्योंकि उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से दोनों देशों के विकास में योगदान दिया है. भाषा, खान-पान, परंपराएं और सांस्कृतिक आदान-प्रदान इन मजबूत संबंधों की नींव हैं. विज्ञान, स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बढ़ती साझेदारी दोनों देशों की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध हो रही है. 

ताशकंद में अंतर-संसदीय संघ की 150वीं सभा के मौके पर लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जॉर्जिया की संसद के चेयरमैन महामहिम शाल्वा पापुआश्विली से मुलाकात की. इस मौके पर बिरला ने संसदीय राजनय को मजबूत करने, व्यापार, पर्यटन और नवाचार में सहयोग बढ़ाने पर अपने विचार साझा किए. उन्होंने बहुपक्षीय मंचों पर भारत के समर्थन और जॉर्जिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए जॉर्जिया की सराहना की. 

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >