उद्धव के 6 सांसदों का शिंदे सेना में विलय, ओम बिरला ने लगाई मुहर

Shiv Sena UBT vs Shiv Sena Shinde: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शनिवार को शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों के शिवसेना (शिंदे) में विलय को मंजूरी दे दी है.

Shiv Sena UBT vs Shiv Sena Shinde: उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (UBT) के 6 सांसद 22 जून 2026 को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए थे. जिसके बाद लोकसभा में शिंदे सेना की संख्या 13 हो गई.

लोकसभा में NDA के पास हो गईं 298 सीटें

बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास वर्तमान में लोकसभा में अध्यक्ष सहित 298 सीटें हैं. यदि अध्यक्ष TMC के बागी सांसदों और NCP के बीच विलय को मंजूरी दे देते हैं , तो NDA की संख्या 318 हो जाएगी. 540 सदस्यों वाले सदन में तीन सीटें फिलहाल खाली हैं, ऐसे में NDA के दो-तिहाई बहुमत यानी 360 सीटों के करीब पहुंचने की संभावना है.

यूबीटी के 6 सांसद किसी निजी स्वार्थ के लिए हमारे साथ नहीं जुड़े : शिंदे

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, "अगर मैं आपसे कहूं कि जो छह सांसद हमारे साथ आए, उन्होंने ऐसा किसी निजी फायदे के लिए नहीं किया, तो आप शायद इसे झूठ मान लें. जो लोग ऐसे आरोप लगा रहे हैं, उन्हें सिर्फ पैसा ही दिखता है, क्योंकि उनकी सोच लेने की है, देने की नहीं. मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि वे किसी निजी स्वार्थ के लिए हमारे साथ नहीं जुड़े. हम उन्हें विकास के लिए फंड देंगे. हमने गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनकी मीटिंग भी करवाई और हम यह पक्का करेंगे कि उनके इलाकों से जुड़े विभाग के काम पूरे हों. कहानी हमेशा एक जैसी ही होती है: अगर कोई पार्टी छोड़ता है, तो कहा जाता है कि उसने पैसे लिए हैं. जब वे उस गुट के साथ होते हैं, तो उन्हें अच्छा माना जाता है; जब वे छोड़ देते हैं, तो उन्हें बुरा समझा जाता है. उन्हें आत्म-मंथन और खुद का आकलन करने की जरूरत है."


ऑपरेशन टाइगर पर क्या बोले डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे

'ऑपरेशन टाइगर' पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, "जो लोग हमारे साथ जुड़ रहे हैं, वे भरोसे की वजह से ऐसा कर रहे हैं. चाहे सांसद हों या वे कई अन्य लोग जो पिछले 3-4 सालों में हमारे साथ जुड़े हैं, उन्हें शिवसेना, मुझ पर और हमारी टीम पर पूरा भरोसा है; वे जानते हैं कि हम अपने वादे निभाते हैं और अपनी बात पर कायम रहते हैं. हम पार्टियां तोड़ने या फूट डालने का काम नहीं करते. हम जोड़ने वाले लोग हैं. हम यहां उनके चुनाव क्षेत्रों के लोगों को न्याय दिलाने और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए आए हैं. हम निश्चित रूप से उन्हें पूरा समर्थन देंगे."


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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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