ओडिशा ट्रेन एक्सीडेंट: इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव के कारण हुआ रेल हादसा, बोले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

Odisha Train Accident : इस हादसे के मूल कारण का पता लगा लिया गया है. जानें ओडिशा ट्रेन एक्सीडेंट को लेकर क्या बोले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जिसमें कम से कम 288 लोगों की मौत हो गयी और 1,100 से अधिक यात्री घायल हो गये.

Odisha Train Accident : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बालासोर ट्रेन दुर्घटनास्थल पर चल रहे मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया. इसके बाद उन्होंने कहा कि इस हादसे के मूल कारण का पता लगा लिया गया है. पीएम मोदी ने कल घटनास्थल का निरीक्षण किया था. हम आज ट्रैक को बहाल करने की कोशिश करेंगे. सभी शव निकाल लिये गये हैं. हमारा लक्ष्य बुधवार सुबह तक बहाली का काम खत्म करना है ताकि इस ट्रैक पर ट्रेनें दौड़ना शुरू हो सकें.

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कल प्रधानमंत्री द्वारा दिये गये निर्देशों पर तेजी से काम चल रहा है. कल रात एक ट्रैक काम लगभग पूरा हो गया. आज एक ट्रैक की पूरी मरम्मत करने की कोशिश रहेगी. सभी डिब्बों को हटा दिया गया है. शवों को निकाल लिया गया है. कार्य तेजी से चल रहा है.

इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव की वजह से हुआ हादसा

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने मामले की जांच की है… और जांच रिपोर्ट आने दीजिए, लेकिन हमने घटना के कारणों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर ली है. यह इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव की वजह से हुआ. अभी हमारा फोकस रेल सेवा की बहाली पर है.

मुआवजे का एलान

इधर ओडिशा CMO ने जानकारी दी है कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हादसे में राज्य के मरने वाले लोगों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए एक-एक लाख रुपए की घोषणा की है.


अधीर रंजन चौधरी बालासोर पहुंचे

पूर्व MoS रेलवे और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी बालासोर में उस स्थान पर पहुंचे जहां भीषण ट्रेन दुर्घटना हुई थी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्थिति का जायजा लेने के लिए ओडिशा में ट्रेन दुर्घटना स्थल का दौरा करने के लिए अधीर रंजन चौधरी और एआईसीसी प्रभारी ए चेल्ला कुमार को नियुक्त किया है.


ट्रेनों के रूट को बदला गया

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मरम्मत का कार्य लगभग पूरा हो गया है. रेलवे की टीम ने पूरी रात काम किया है. मृतकों की पहचान कर कानूनी प्रक्रिया के बाद उन्हें उनके परिवारों तक पहुंचाने का काम जारी है. घटनास्थल कोलकाता-चेन्नई मेन लाइन का हिस्सा है. काफी ट्रेनों के रूट को बदला गया है और कई बंद हैं.

ट्रेन दुर्घटना स्थल पर मरम्मत का काम चल रहा है

ओडिशा के बालासोर ट्रेन दुर्घटना स्थल पर मरम्मत का काम चल रहा है. रेल मंत्रालय के मुताबिक, 1000 से अधिक कर्मी काम में लगे हैं. शीघ्र बहाली के लिए 7 से अधिक पोकलेन मशीन, 2 दुर्घटना राहत ट्रेन, 3-4 रेलवे और रोड क्रेन तैनात हैं. दुर्घटना में 288 लोगों की मृत्यु और 1000 से अधिक लोग घायल हुए हैं.

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शवों को AIIMS भुवनेश्वर में लाया गया

ओडिशा के बालासोर ट्रेन हादसे के मृतकों के शवों को AIIMS भुवनेश्वर में लाया गया. DCP प्रतीक सिंह ने बताया कि जितनी मृत्यु हुई हैं उनमें से 160 शवों को लाया जा रहा है. AIIMS में सबसे बड़ा सेंटर है जहां करीब 100 शवों को रखा जा सकता है और अन्य शवों को अन्य अस्पतालों में रखा जाएगा.

जो बाइडेन ने ओडिशा के बालासोर में हुई ट्रेन दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ओडिशा के बालासोर में हुई ट्रेन दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है. आपको बता दें कि हादसे में कम से कम 288 लोगों की मौत हो गयी और 1,100 से अधिक यात्री घायल हो गये.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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