ओडिशा बाढ़ : CM माझी ने 1000 करोड़ के राहत पैकेज का किया ऐलान, किसानों से लेकर बुनकरों तक को मिलेगी मदद

ओडिशा में लगातार हो रही बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार ( 18 अगस्त ) 6 जिलों के लिए 1,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की है.

ओडिशा में भारी बारिश के कारण फिर से बाढ़ आ गई है, जिसके चलते ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बाढ़ से प्रभावित 6 जिलों के लिए 1,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की है.

बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए 10-सूत्रीय विशेष पैकेज

  1. खेती के लिए सब्सिडी: जिन छोटे और सीमांत किसानों की फ़सल को 33 फीसदी या उससे ज्यादा नुकसान हुआ है, उन्हें बिना सिंचाई वाले इलाकों के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचाई वाले इलाकों के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और बारहमासी फसलों के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सब्सिडी मिलेगी.
  2. बीज के लिए मदद: प्रभावित किसानों को धान और अन्य फसलों के बीज खरीदने के लिए DBT के जरिए उनके बैंक खातों में विशेष आर्थिक मदद भेजी जाएगी.
  3. सब्जी के मिनी-किट: प्रभावित किसानों को सब्जी के मिनी-किट मुफ्त दिए जाएंगे, साथ ही बाढ़ के बाद कीट और बीमारी से निपटने के लिए 75 प्रतिशत सब्सिडी भी दी जाएगी.
  4. सिंचाई परियोजनाएं: क्षतिग्रस्त सिंचाई परियोजनाओं को तेज़ी से ठीक और बहाल किया जाएगा.
  5. पशुधन और मछली पालन में मदद: पशुधन के नुकसान के लिए मुआवजा दिया जाएगा, साथ ही मछुआरों और किसानों को क्षतिग्रस्त नावों, मछली पकड़ने के जाल और तालाबों को ठीक करने के लिए मदद दी जाएगी.
  6. कृषि ऋण: जो किसान चाहें, उनके खरीफ फसल के अल्पकालिक ऋण को मध्यम अवधि के ऋण में बदल दिया जाएगा.
  7. हस्तशिल्प और हथकरघा: बाढ़ से प्रभावित कारीगरों और बुनकरों को क्षतिग्रस्त औजारों और उपकरणों के लिए 5,000 रुपये और कच्चे माल या तैयार उत्पादों के नुकसान के लिए अतिरिक्त 5,000 रुपये मिलेंगे.
  8. सड़कें और बुनियादी ढांचा: सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे की अस्थायी मरम्मत तुरंत की जाएगी. स्थायी पुनर्निर्माण के लिए ज़रूरी फंड नुकसान का विस्तृत आकलन करने के बाद दिया जाएगा.
  9. भोजन राहत: सभी प्रभावित इलाकों में पका हुआ खाना, सूखा राशन और राहत का चावल तब तक बांटा जाता रहेगा जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते.
  10. घरेलू मदद: प्रभावित परिवारों को ज़रूरी कपड़े और बर्तन या घरेलू सामान खरीदने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी.

जाजपुर में 270 गांव पानी में

सीएम मोहन चरण माझी ने बताया कि उन्होंने सोमवार( 17 अगस्त ) को सड़क मार्ग से जाजपुर और भद्रक जिलों का दौरा कर हालात का जायजा लिया. जाजपुर में 10 ब्लॉक, 270 गांव और एक शहरी क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हैं. यहां 77,680 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और 291 राहत शिविर बनाए गए हैं.

6 जिलों में राहत-बचाव अभियान

लगातार हो रही बारिश के चलते बालासोर, मयूरभंज, क्योंझर और केंद्रापड़ा में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. इसके साथ ही राज्य में प्रभावित जिलों की संख्या 6 हो गई है. बचाव अभियान के लिए 39 एनडीआरएफ टीमों और 51 फायर सर्विस यूनिटों को तैनात किया गया है.

11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग ( IMD) ने आगे भी भारी बारिश का अनुमान जताते हुए 11 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है. केंद्रीय जल आयोग ने कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ आने का खतरा भी बताया है. प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखते हुए निकासी, राहत और चिकित्सा तैयारियों को लगातार मजबूत कर रहा है.

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By सत्येन्द्र गिरि

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