…तो 10 रुपये बढ़ जाते पेट्रोल-डीजल के दाम, निर्मला सीतारमण ने किया खुलासा

Nirmala Sitharaman: मिडिल ईस्ट संकट के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोग परेशान हैं. इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खुलासा किया और बताया- ईंधन के रेट में 10 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती थी. लेकिन सरकार ने आम लोगों को राहत दी है.

Nirmala Sitharaman: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, हमने इस साल एक्साइज ड्यूटी में कटौती के जरिए सालाना 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राहत दी है. अगर हमने उस समय ये कटौतियां न की होतीं, तो उसी वक्त कीमतें 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई होतीं. उन्होंने आगे कहा- पिछले लगभग 76 दिनों से हमारा मकसद यह सुनिश्चित करना रहा है कि लोगों पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े.

क्यों पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- अभी जो कीमतें बढ़ रही हैं, वे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की वजह से बढ़ रही हैं, क्योंकि वही तेल खरीद और बेच रही हैं. जैसा कि मैंने कहा था, पश्चिम एशिया संकट, होर्मुज जलडमरूमध्य संकट, रूस-यूक्रेन युद्ध संकट, ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध संकट, सप्लाई चेन में रुकावट का संकट, ईंधन और उर्वरक की बढ़ती कीमतें. ये सब चुनौतियां होंगी. लेकिन मुझे पूरा भरोसा है, और मैं यह बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रही हूं कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हम उन चुनौतियों से निपटने में सक्षम होंगे, जो हमारी वजह से पैदा नहीं हुई हैं. अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, एक हफ्ते 83, तो अगले हफ्ते 86, 100 या 116, तो हमें इस पर लगातार नजर रखनी होगी, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो.

LPG का उत्पादन प्रतिदिन 50000 टन

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव, सुजाता शर्मा ने बताया, पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए, हमारे आयात प्रभावित हुए हैं, लेकिन पेट्रोलियम उत्पादों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए गए हैं. LPG का बढ़ा हुआ उत्पादन अब प्रतिदिन 50000 टन तक पहुंच रहा है. कुछ राज्यों के खुदरा आउटलेट्स पर घबराहट में खरीदारी (panic buying) देखी जा रही है, जैसे कि गुजरात, महाराष्ट्र और UP के कुछ जिलों में. इसके पीछे मुख्य कारण कृषि संबंधी मांग और थोक मांग का खुदरा की ओर खिसकना है. इस संबंध में, सभी राज्यों के साथ VC के माध्यम से एक बैठक आयोजित की गई. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से स्थिति की समीक्षा करने को कहा गया है. आपूर्ति की स्थिति और खुदरा आउटलेट्स पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

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Published by: ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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