Nepal Flood: NDRF ने न्यूज एजेंसी ANI के साथ बातचीत में बताया, "गंडक बेसिन में GLOF (ग्लेशियर झील के फटने से आने वाली बाढ़) का खतरा है. इसलिए, बिहार के पश्चिमी चंपारण और मुजफ्फरपुर और उत्तर प्रदेश के कुशीनगर समेत उन इलाकों पर नजर रखी जा रही है, जिनके प्रभावित होने की आशंका है. बिहार में NDRF की 9 और उत्तर प्रदेश में 11 टीमें तैनात की गई हैं."
नेपाल बाढ़ से भारत को कितना चिंतित होना चाहिए?
सेंट्रल वॉटर कमीशन के पूर्व चेयरमैन सैयद मसूद हुसैन से कहा, "देखिए, हमें यह समझना होगा कि ऐसी खबरें आई हैं कि जिस इलाके में बाढ़ आई है, वहां बहुत कम या लगभग न के बराबर बारिश हुई थी. इसलिए, सबसे ज्यादा संभावना यही लगती है कि जैसा बताया गया है, वहां कोई भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ होगा और उसके कारण एक अस्थायी बांध बन गया होगा. फिर, यह बहाव आगे निचले इलाकों की ओर बढ़ गया. जहां तक भारत की बात है, क्योंकि नेपाल में जिस नदी सिस्टम में यह घटना हुई है, वह त्रिशूली नदी सिस्टम और गंडक नदी सिस्टम से जुड़ता है और ये नदियां बिहार और यूपी के इलाकों से होकर बहती हैं, इसलिए हमें इसे लेकर चिंतित होना चाहिए क्योंकि नदी के जलस्तर में अचानक किसी भी तरह की बढ़ोतरी से हमारे इलाकों में भी बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं."
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बिहार में अलर्ट, गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोले गए
बिहार सरकार ने नेपाल में आई बाढ़ के बाद गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए पूरे तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा है. स्थिति से निपटने के लिए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं. बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बुधवार दोपहर तक वाल्मीकिनगर गंडक बराज से लगभग 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और जलप्रवाह लगातार बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि एहतियाती कदम के तौर पर बराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि गंडक नदी के बेसिन में आने वाले सभी जिलों को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है.
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यूपी के कोई नागरिक नेपाल में फंसे हों तो 1070 नंबर पर तुरंत संपर्क करें
उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा, "अगर उत्तर प्रदेश का कोई नागरिक नेपाल में फंसा हुआ है या वहां बाढ़ या किसी त्रासदी के कारण उसे किसी भी तरह की मदद की जरूरत है, तो उनके परिवार के सदस्यों को तुरंत 1070 पर संपर्क करना चाहिए." मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, कंट्रोल रूम नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए वहां की स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रख रहा है. साथ ही, राज्य के नेपाल से सटे जिलों में भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
नारायणी-कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका
महाराजगंज के DM गौरव सिंह ने कहा, "आज सुबह करीब 9 बजे खबर मिली कि नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई है. भोटेकोशी नदी नारायणी-गंडक नदी की सहायक नदी है. नारायणी-कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका है. इसलिए, देवदह और वाल्मीकि बैराज पर लगातार नजर रखी जा रही है. अभी तो पानी का स्तर खतरे के निशान से नीचे है. लेकिन अगर जलस्तर बढ़ता है, तो प्रशासन राहत कार्य शुरू करने के लिए तैयार है. SDRF और PAC की टीमें वहां भेजी गई हैं और ग्रामीणों को सूचित कर दिया गया है. मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं."
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