Nepal Flood : ग्लेशियर टूटने से 1-2 घंटे पहले मिलेगा अलर्ट, CBRI रुड़की बना रहा Early Warning System

Nepal Flood : नेपाल में आई भीषण बाढ़ और ग्लेशियर से जुड़ी आपदा के बीच सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (CBRI), रुड़की एक अर्ली वार्निंग सिस्टम पर काम कर रहा है. इस सिस्टम के जरिए आपदा से करीब एक से दो घंटे पहले ही चेतावनी मिल जाएगी. जिससे भारी तबाही से बचा जा सकता है.

Nepal Flood : CBRI के डायरेक्टर प्रोफेसर प्रदीप कुमार ने बताया कि संस्थान ग्लेशियर से जुड़ी आपदाओं की पूर्व चेतावनी के लिए एक सिस्टम विकसित करने पर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि इस सिस्टम की टेस्टिंग प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है.

लगातार बर्फ पिघलने से टूटा ग्लेशियर का हिस्सा

नेपाल में हुई आपदा का जिक्र करते हुए प्रोफेसर प्रदीप कुमार ने बताया कि घटना 17,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर हुई थी. उनके अनुसार, इलाके में लगातार बर्फ और ग्लेशियर पिघलने की प्रक्रिया चल रही थी.

"आपदा से करीब 24 से 30 घंटे पहले प्रभावित क्षेत्र में बर्फ पिघलने की स्थिति देखी गई थी. लगातार बर्फ पिघलने के कारण आखिरकार ग्लेशियर का एक हिस्सा टूट गया, जिसके बाद बड़ी आपदा सामने आई." - प्रोफेसर प्रदीप कुमार

प्रोफेसर कुमार के मुताबिक, ऐसी घटनाओं में अगर समय रहते संभावित खतरे की जानकारी मिल जाए तो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और नुकसान कम करने में मदद मिल सकती है.

1-2 घंटे पहले अलर्ट देने की तैयारी

CBRI डायरेक्टर ने बताया कि संस्थान फिलहाल ऐसे Early Warning Mechanism पर काम कर रहा है, जो ग्लेशियर से जुड़ी आपदा की आशंका होने पर करीब एक से दो घंटे पहले अलर्ट जारी कर सके.

"CBRI की टीम Early Warning Mechanism प्रोजेक्ट पर काम कर रही है और इसका टेस्टिंग फेज जल्द पूरा होने की उम्मीद है. समय पर चेतावनी मिलने से प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव की तैयारी करने और जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है." - प्रोफेसर प्रदीप कुमार

नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही

इस बीच नेपाल भोटे कोशी नदी में अचानक तेज उछाल के बाद आई भीषण बाढ़ से जूझ रहा है. बाढ़ ने कई इलाकों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. घरों, सड़कों, पुलों, हाइड्रोपावर परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबर है.

नेपाल बाढ़ से अब तक 258 लोगों की मौत हो चुकी है

रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ में कम से कम 258 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 476 विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है.

178 भारतीय नागरिक भी लापता

नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, अचानक आई बाढ़ के बाद लापता लोगों में 178 भारतीय नागरिक शामिल हैं. अब तक 910 लोग बाढ़ की वजह से लापता हैं. जिसमें 517 विदेशी शामिल हैं. बाढ़ की वजह से 73 लोग घायल हैं. अब तक 9260 लोगों को बचा लिया गया है.

नेपाल में हुई इस आपदा ने हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियर पिघलने और उससे जुड़ी अचानक आने वाली बाढ़ के खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया है. ऐसे में CBRI का प्रस्तावित Early Warning System भविष्य में संभावित आपदाओं से पहले लोगों को चेतावनी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

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अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

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