NEET-UG 2026 : नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार को रविवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में स्पेशल जज रुचि अग्रवाल असरानी की अदालत में पेश किया गया. अदालत ने शुभम खैरनार को छह जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
अदालत ने सीबीआई का अनुरोध स्वीकारा
स्पेशल जज रुचि अग्रवाल ने आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत संबंधी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अनुरोध को स्वीकार कर लिया. इससे पहले कोर्ट ने 14 मई को कहा था कि आरोपियों ने आर्थिक लाभ के लिए पेपर लीक किया और पेपर लीक करने वाले संगठित गिरोह से उनके संबंध के संकेत मिलते हैं. कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद शुभम खैरनार और चार अन्य आरोपियों को सात दिनों के लिए सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया था.
इसके बाद, सीबीआई ने अदालत से कहा था कि आरोपी से आगे पूछताछ जरूरी है, ताकि उन सह-आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तार किया जा सके, जिन्हें शुभम ने नीट-यूजी का प्रश्नपत्र बेचा था. सीबीआई की इस अपील पर अदालत ने 20 मई को खैरनार की हिरासत पांच दिन के लिए बढ़ा दी थी.सीबीआई ने कहा था कि इस बड़ी साजिश और लीक हुए प्रश्न-पत्र के स्रोत का पता लगाना होगा और आरोपियों को महाराष्ट्र के नासिक सहित देश के विभिन्न हिस्सों में ले जाना होगा.
10 आरोपियों की अबतक हो चुकी है गिरफ्तारी
नीट पेपर लीक मामले में अबतक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. सीबीआई खैरनार से उन स्थानों की पहचान के लिए भी पूछताछ करेगी, जहां कुछ अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र दिए गए थे. इस बीच अदालत से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मनीषा संजय हवलदार, फिलहाल ट्रांजिट रिमांड में हैं और उन्हें सोमवार को संबंधित अदालत में पेश किए जाने की संभावना है. हवलदार को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था. सूत्रों ने बताया कि मामले के पांच अन्य आरोपियों को भी 25 मई को सीबीआई हिरासत समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया जाएगा.मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए तीन मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच दो दिन बाद रद्द कर दिया गया था. सरकार ने इस मामले में कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच करने का जिम्मा सीबीआई को सौंपा है.
