CJP spokesperson Ashutosh Ranka : NEET UG पेपर लीक आंदोलन खत्म होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार को कड़ा संदेश दिया है. CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR तुरंत वापस ली जाएं, हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा किया जाए और भविष्य में किसी भी छात्र या स्वयंसेवक पर नया मामला दर्ज न किया जाए. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपने वादे का पालन नहीं किया, तो CJP दोबारा बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होगा.
सरकार के आश्वासन का हवाला
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जंतर-मंतर और देश के अलग- अलग हिस्सों में चले आंदोलन को समाप्त करने से पहले केंद्र सरकार ने भरोसा दिया था कि प्रदर्शनकारियों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी. CJP का कहना है कि वह लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और केंद्र सरकार के साथ-साथ बीजेपी और एनडीए शासित राज्यों से भी इस आश्वासन का पालन करने की अपेक्षा करता है.
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई न करने के समझौते का उल्लंघन हो रहा है. उन्होंने दावा है कि बिहार और पश्चिम बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली समेत कई राज्यों में छात्रों और स्वयंसेवकों को निगरानी व उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है. सीजेपी ने मांग की है कि सभी एफआईआर तुरंत वापस ली जाएं, गिरफ्तार छात्रों को रिहा किया जाए और भविष्य में कोई नया मामला दर्ज न किया जाए. CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर वह फिर से आंदोलन शुरू करेंगे.
छात्र नेताओं ने भी उठाई आवाज
AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी सरकार से सभी मामलों को वापस लेने की मांग की. उनका कहना है कि पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं लगाना पूरी तरह अनुचित है. उन्होंने दावा किया कि बिहार समेत कई राज्यों में अब भी बड़ी संख्या में छात्र जेल में बंद हैं, जबकि सरकार ने कार्रवाई न करने का वादा किया था.
रेजिग्नेशन पार्टी' पर बढ़ा विवाद
इधर, आंदोलन खत्म होने के बाद CJP नए विवाद में घिर गया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में संगठन के कुछ नेता पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाते और नाचते दिखाई दिए. इसके बाद संगठन की आलोचना शुरू हो गई. हालांकि CJP नेता सौरव दास ने सफाई देते हुए कहा कि नई पीढ़ी का आंदोलन करने का तरीका अलग है. उन्होंने कहा कि युवा नाचते हुए भी आंदोलन कर सकते हैं और इससे उनके संघर्ष की गंभीरता कम नहीं होती.
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