Chhattisgarh: नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ का एक ऐसा गांव, जहां नौकरी छोड़ YouTube से लाखों कमा रहे युवा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का तुलसी गांव आज दुनिया भर में मशहूर हो गया है. यह गांव YouTubers का हब बन चुका है. बड़ी संख्या में स्थानीय लोग वीडियो बनाकर लाखों की कमाई कर रहे हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई के हवाले से खबर है कि तुलसी गांव में 40 YouTubers हैं.

You Tube आज केवल मनोरंजन का जरिया नहीं रहा, बल्कि लाखों युवा इसे अपना करियर बना रहे. मनोरंजन के अलावा ढेर सारी जानकारियों के साथ बदलाव की कहानी भी लिख रहे हैं. घोर नक्सल प्रभावित राज्य छत्तीसगढ़ का एक ऐसा गांव है, जहां युवा बैंक और शिक्षक की नौकरी छोड़कर YouTubers बन गये हैं.

रायपुर का तुलसी गांव बना YouTubers का हब

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का तुलसी गांव आज दुनिया भर में मशहूर हो गया है. यह गांव YouTubers का हब बन चुका है. बड़ी संख्या में स्थानीय लोग वीडियो बनाकर लाखों की कमाई कर रहे हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई के हवाले से खबर है कि तुलसी गांव में 40 YouTubers हैं, जो मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षाप्रद स्टोरी भी बनाते है.

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नौकरी छोड़ YouTubers बन रहे युवा

छत्तीसगढ़ के तुलसी गांव में युवा YouTube के लिए सरकारी नौकरी तक छोड़ दे रहे. इस गांव में दो युवा दोस्त ज्ञानेंद्र शुक्ला और जय वर्मा ने YouTube चैनल की शुरुआत की. उनकी कमाई को देखकर गांव के और भी युवा अपना YouTube से जुड़ गये. जय वर्मा ने बताया, उन्होंने YouTube के लिए अपनी शिक्षक की नौकरी छोड़ दी.

YouTube के लिए छोड़ दी बैंक की नौकरी

ज्ञानेंद्र शुक्ला बैंक की नौकरी छोड़कर आज YouTubers बन गये हैं. उन्होंने एएनआई के साथ बातचीत में बताया, वो एसबीआई में नेटवर्क इंजीनियर थे. उनके ऑफिस में हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा थी, जिससे वो YouTube देखते थे. उन्होंने बताया कि पहले से ही उन्हें फिल्मों का बड़ा शौक था. शुक्ला ने बताया, उन्हें 9 से 5 बजे की नौकरी पसंद नहीं आयी और नौकरी छोड़ने का मन बना लिया. उन्होंने बताया, आज उनके YouTube चैनल में 1.15 लाख सब्सक्राइबर हैं. अबतक उन्होंने 250 से अधिक वीडिया बना लिया है. उन्होंने बताया, शुरुआत में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. उन्होंने बताया, YouTube के लिए वीडियो बनाने में शुरुआत में उन्हें काफी संकोच होता था. लोगों के सामने उन्हें अभिनय करने में काफी दिक्कत होती थी, लेकिन गांव के कुछ बुजुर्गों ने उन्हें रामलीला में काम करने का सुझाव दिया. जिसके बाद उनकी झिझक दूर हुई. शुक्ला ने बताया, गांव में अधिकतर युवा YouTube के लिए वीडियो बनाते हैं और जमकर पैसे कमाते हैं.

गांव के 40 फीसदी लोग YouTube से जुड़े

YouTubers ज्ञानेंद्र शुक्ला ने बताया तुलसी गांव में करीब 3000 लोग हैं. जिसमें 40 फीसदी लोग YouTube से जुड़े हैं. YouTubers जय वर्मा ने बताया, उन्हें वीडियो बनाते दुख गांव के और लोग भी इस पेशे से जुड़े. उन्होंने बताया, उनके पास एमएससी की डिग्री है और एक शिक्षक के रूप में काम करते थे, जिससे उन्हें महीने में 12 हजार से 15 हजार रुपये कमाई होती थी. लेकिन अब वो YouTube से महीने में 30 हजार से 35 हजार रुपये कमाते हैं.

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