मुंबई मर्डर : HIV पॉजिटिव हूं तो नहीं था कोई फिजिकल रिलेशन, मनोज साने ने कहा- स्वाभिमानी थी सरस्वती

आरोपी मनोज साने ने पुलिस को बताया कि 16 साल पहले सरस्वती से उसकी मुलाकात राशन की दुकान पर हुई थी, जिस पर वह काम करता था. लेकिन, वे दोनों वर्ष 2014 से एक-दूसरे को काफी करीब से जानते हैं. उसने पुलिस को बताया कि उसे वर्ष 2008 में पता चला कि वह एचआईवी पॉजिटिव है.

मुंबई : महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई की मीरा रोड इलाके में अपनी महिला पार्टनर की जघन्य हत्या कर कई टुकड़ों में काटने के बाद कूकर में उबालने वाले आरोपी 56 साल के मनोज साने ने एक नया खुलासा किया है. पुलिस की पूछताछ में आरोपी मनोज साने ने बताया कि उसने कभी भी अपनी लिव-इन पार्टनर 32 वर्षीय सरस्वती वैद्य के साथ कोई शारीरिक संबंध नहीं बनाए, क्योंकि वह एचआईवी पॉजिटिव है. मीडिया की रिपोर्ट में बताया गया है कि मनोज साने और सरस्वती वैद्य पिछले तीन साल से मीरा रोड इलाके के एक फ्लैट में रह रहे थे. बताया यह भी जा रहा है कि सरस्वती से मनोज की मुलाकात 16 साल पहले एक राशन की दुकान पर हुई थी. मनोज उस राशन दुकान पर काम करता था.

2008 में हो गया था एचआईवी पॉजिटिव

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी मनोज साने ने पुलिस को बताया कि 16 साल पहले सरस्वती से उसकी मुलाकात राशन की दुकान पर हुई थी, जिस पर वह काम करता था. लेकिन, वे दोनों वर्ष 2014 से एक-दूसरे को काफी करीब से जानते हैं. उसने पुलिस को बताया कि उसे वर्ष 2008 में पता चला कि वह एचआईवी पॉजिटिव है. तभी से वह दवा खा रहा है. उसने बताया कि एक हादसे के बाद इलाज के दौरान उसे एचआईवी से ग्रसित होने के बारे में जानकारी मिली. इस इलाज के दौरान उसे खून चढ़ाया गया था.

बेटी की तरह थी सरस्वती : मनोज

महिला की हत्या का आरोपी मनोज साने ने पुलिस को बताया कि सरस्वती वैद्य उसकी बेटी की तरह थी. वह बहुत ही स्वाभिमानी थी. उसने कहा कि वह सरस्वती को एसएससी परीक्षा में शामिल होने की योजना भी बना रहा था और इसीलिए वह उसे गणित पढ़ाता था. पुलिस को उस फ्लैट की दीवार से एक बोर्ड भी मिला है, जहां पर ये दोनों रहा करते थे.

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बयान दर्ज कराने थाने पहुंची अनाथ सरस्वती की तीन बहनें

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले पुलिस ने गुरुवार को कहा था कि सरस्वती वैद्य अनाथ थी और उसका कोई रिश्तेदार नहीं था. हालांकि, शुक्रवार को सरस्वती की तीन बहनें बयान दर्ज कराने के लिए मीरा रोड के नया नगर थाने पहुंचीं, जबकि मनोज साने और सरस्वती वैद्य अपने पड़ोसियों के बीच लिव-इन जोड़े के तौर पर जाने जाते थे. रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि जिस अनाथालय में सरस्वती वैद्य पली-बढ़ी है, उसके कर्मचारियों ने कहा, ‘सरस्वती ने उनसे कहा था कि वह अपने चाचा के साथ रह रही है.’

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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