Rajiv Gandhi Death: राजीव गांधी हत्याकांड के सभी दोषी रिहा, वेल्लोर जेल से बाहर निकली नलिनी

न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने इस बात का उल्लेख किया कि तमिलनाडु सरकार ने सभी दोषियों की सजा घटाने की सिफारिश की थी, जिस पर राज्यपाल ने कदम नहीं उठाया था. न्यायालय ने यह भी संज्ञान में लिया कि दोषियों का आचरण जेल में रहने के दौरान संतोषजनक था.

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के सभी 6 दोषियों को रिहा करने का आदेश दे दिया. रिहाई को ऑर्डर मिलने के बाद तीन दशक से उम्रकैद की सजा काट रही नलिनी श्रीहरन वेल्लोर जेल से शनिवार को बाहर निकल गयीं. मालूम हो SC ने नलिनी के अलावा, जिन पांच अन्य को रिहा करने का आदेश दिया है, उसमें आर पी रविचंद्रन, नलिनी के पति वी श्रीहरन उर्फ मुरुगन, संतन, रॉबर्ट पायस और जयकुमार शामिल हैं. श्रीहरन, संतन, रॉबर्ट और जयकुमार श्रीलंकाई नागरिक हैं.

जेल में आचरण संतोषजनक पाये जाने के बाद दोषियों की हुई रिहाई

न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने इस बात का उल्लेख किया कि तमिलनाडु सरकार ने सभी दोषियों की सजा घटाने की सिफारिश की थी, जिस पर राज्यपाल ने कदम नहीं उठाया था. न्यायालय ने यह भी संज्ञान में लिया कि दोषियों का आचरण जेल में रहने के दौरान संतोषजनक था.

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1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरम्बुदूर में हुई थी राजीव गांधी की हत्या

गौरतलब है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरम्बुदूर में एक चुनाव रैली में एक महिला आत्मघाती हमलावर ने हत्या कर दी थी. आत्मघाती विस्फोट में राजीव गांधी, नौ पुलिस कर्मियों सहित 16 अन्य की मौत हो गई थी। साथ ही, 45 अन्य लोग घायल हो गये थे.

रिहाई के बाद नलिनी की मां ने कहा, खुशी के भाव शब्दों में बयां नहीं किये जा सकते

नलिनी ने अपनी रिहाई पर टिप्पणी करने से पैरोल का हवाला देते हुए इनकार कर दिया, लेकिन उसकी मां एस पद्मा ने कहा, खुशी के भाव शब्दों में बयां नहीं किये जा सकते. इस खुशी का कोई ठिकाना नहीं है, बल्कि असीम आनंद की अनुभूति के अलावा और कुछ नहीं है.

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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