Muslim Population : 11 साल में अमित शाह ने क्या किया? मुस्लिम आबादी पर टिप्पणी के बाद कांग्रेस हमलावर

Muslim Population : कांग्रेस की ओर से अमित शाह की ‘‘घुसपैठ’’ वाली टिप्पणी का जवाब दिया गया है. पार्टी ने कहा कि वे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले लोगों को बांटने और भ्रम फैलाने के लिए यह बयान दे रहे हैं. जानें कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने क्या कहा मुस्लिम आबादी को लेकर.

Muslim Population : कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह की भारत में मुस्लिम आबादी पर टिप्पणी की आलोचना की. उन्होंने इसे चुनाव से पहले मतदाताओं को बांटने और हिंदू-मुस्लिम भावनाओं को भड़काने का प्रयास बताया. खेड़ा ने सवाल किया कि गृह मंत्री ने सत्ता में 11 साल तक रहते हुए इस मुद्दे पर कभी बात क्यों नहीं की? उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी सरकारों के दौरान विदेशी नागरिकों को देश से निकाले जाने में अंतर को लेकर भी अपनी बात रखी.

चुनाव से पहले मतदाताओं को बांटने की कोशिश : पवन खेड़ा

सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर पवन खेड़ा ने लिखा कि मंत्री ने 10 अक्टूबर को ऐसा बयान दिया जिससे हिंदू-मुस्लिम भावनाओं को भड़काया गया. यही नहीं आगामी चुनाव से पहले मतदाताओं को बांटने की कोशिश की गई. उन्होंने मुस्लिम आबादी के बढ़ने का जिक्र करते हुए यह सुझाव दिया कि भारत में बड़ी संख्या में ‘मुस्लिम घुसपैठ’ हो रही है. इस स्थिति में एक सरल सवाल उठता है–अगर गृह मंत्री की बात सही है और मुस्लिम आबादी घुसपैठ की वजह से बढ़ी है, तो पिछले 11 सालों में गृह मंत्री इस मामले में क्या कर रहे थे? वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शाह पर निशाना साधते हुए ‘एक्स’ पर लिखा कि वे (शाह) व्यापक दुष्प्रचार और धमकी देने वाले चुनावी ध्रुवीकरण के हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

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गुजरात और राजस्थान की सीमाओं पर घुसपैठ क्यों नहीं होती?

अमित शाह ने शुक्रवार को दावा किया था कि कुछ राजनीतिक दल घुसपैठियों को वोट बैंक की तरह देखते हैं. उन्होंने यह सवाल भी किया था कि गुजरात और राजस्थान की सीमाओं पर घुसपैठ क्यों नहीं होती? शाह ने यह टिप्पणी एक कार्यक्रम के दौरान की. शाह ने कहा कि 1951 से 2011 तक की जनगणना में सभी धर्मों में आबादी के बढ़ने का अंतर मुख्य रूप से घुसपैठ की वजह से है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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