सोनम वांगचुक से मिलने गए सांसदों को रोका गया, संजय सिंह ने सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

Sonam Wangchuk : विपक्षी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने अस्पताल पहुंचा, लेकिन उन्हें रोक दिया गया. आप नेता संजय सिंह ने इसे मोदी सरकार की तानाशाही करार दिया और कहा कि 55 सांसदों ने वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है.

Sonam Wangchuk : आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल सोनम वांगचुक से मिलने के लिए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचा. हालाँकि, पुलिस ने उन्हें अंदर जाने और सोनम वांगचुक से मिलने की अनुमति नहीं दी. इसपर आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा देखा जा रहा है कि पुलिस अस्पताल में भर्ती किसी मरीज से मिलने तक नहीं दे रही है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, संजय सिंह ( आप), प्रिया सरोज (सपा), संजय यादव (आरजेडी) और महुआ मांझी ( जेएमएम) समेत 15 सांसद शामिल थे. सांसद संजय सिंह ने इसे ये मोदी सरकार की तानशाही करार दिया है.

55 सांसदों ने भेजा संदेश

AAP नेता संजय सिंह ने बताया कि 55 सांसदों ने एक चिट्ठी पर हस्ताक्षर किए हैं. उन्होंने कहा चिट्ठी में सोनम वांगचुक से उनकी सेहत को देखते हुए भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की गई है. उनका कहना है कि सांसद सिर्फ यह संदेश देना चाहते थे कि सोनम वांगचुक जान और स्वास्थ्य सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है.

वांगचुक ने भरोसे की बात कही थी

AAP सांसद सिंह के मुताबिक, सोनम वांगचुक पहले कह चुके हैं कि अगर देश के सांसद उन्हें भरोसा दिलाएंगे, तो वह अपना अनशन खत्म करने पर विचार कर सकते हैं. इसी भरोसे के साथ सांसद उनसे मिलने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें चिट्ठी देने की भी अनुमति नहीं मिली.

सरकार पर उठाए सवाल

सांसद संजय सिंह ने सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वे सोनम वांगचुक की जान जोखिम में डालना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिल चुके हैं और विपक्ष के कई सांसद भी मिलने पहुंचे हैं, तो फिर कुछ सांसदों को रोकने का क्या कारण है.

राजनीतिक हलचल तेज

इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोनम वांगचुक के अनशन और उनसे मुलाकात को लेकर राजनीति तेज हो गई है. विपक्ष इस मामले को लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवीय संवेदनाओं से जोड़कर सरकार पर निशाना साध रहा है. वहीं, प्रशासन की ओर से मुलाकात पर रोक की वजह को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

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लेखक के बारे में

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

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