Kal Ka Mausam : मौसम विभाग केंद्र भोपाल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार मध्य प्रदेश के 18 जिलों में कहीं-कहीं वर्षा या गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है.
9 सितंबर को एमपी के इन जिलों में कहीं-कहीं होगी बारिश
भोपाल, विदिशा, सिहोर, राजगढ़, झाबुआ, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना और श्योपुरकलां जिलों में.
9 सितंबर को एमपी के इन जिलों में कुछ स्थानों पर होगी बारिश
रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, इंदौर, दतिया, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा.
9 सितंबर को एमपी के इन जिलों में अनेक स्थानों पर होगी बारिश
सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर और मैहर.
9 सितंबर को इन जिलों में कहीं-कहीं आंधी-तूफान, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है.
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा.
मौसम विभाग ने आम लोगों को सावधान रहने की दी सलाह
- निचले इलाकों में गंभीर जलभराव एवं बाढ़ का जलभराव होगा.
- नदी एवं जल स्त्रोतों के जल स्तर में उल्लेखीय वृद्धि के परिणामस्वरूप जल अतिप्रवाह के कारण पैदल, शहरी और मौसमी पथ आधारित यातायात पर प्रभाव पड़ेगा और सड़कों का आंशिक/अस्थायी रूप से बंद होना.
- नदी तटबंधों में कटाव की संभावना तटीय क्षेत्रों एवं ढलान इलाकों में आकस्मिक बाढ़.
- आपातकालीन किट में आवश्यक वस्तुएं जैसे कि जरुरी दवाई आवश्यक खाद्य भोजन, पानी, टॉर्च, बैटरी और प्राथमिक चिकित्सा किट रखें.
- गरज-चमक के दौरान घर के अंदर रहें और पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे आश्रय न लें.
- किसानों से सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रानिक उपकरणों को अनप्लग करें, आंधी-तूफान के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें.
किसानों के लिए जरूरी सलाह
- भारी वर्षा, गरज-चमक एवं तेज हवाओं के दौरान सिचाई तथा खरपतवारनाशी, कीटनाशकों एवं उर्वरकों का छिड़काव न करें. अनुकूल मौसम होने पर ही इन कार्यों को करें.
- दलहन, तिलहन, सब्जियों तथा निचली खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करें, ताकि जलभराव एवं सड़न को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके.
- मक्का एवं अन्य फसलों में नाइट्रोजन की शेष मात्रा का विभाजित प्रयोग पर्याप्त नमी होने तथा खेत में उचित नमी उपलब्ध होने के बाद ही करें.
- संवेद फसलों में आवश्यकतानुसार समय पर खरपतवार नियंत्रण करें. इससे फसल की पानी एवं पोषक तत्वों के लिए प्रतिस्पर्धा कम होगी.
- सब्जियों, बेल वाली फसलों एवं फलदार पौधों को सहारा/ स्टेकिंग दें ताकि तेज हवाओं और वर्षा से बचाव के लिए खेत की मेड़ों को मजबूत करें.
- कटाई की गई फसल को सुखाएं और सुरक्षित स्थानों पर रखें.
- पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और भारी वर्षा के समय उन्हें खुले में न छोड़ें.
