MP Farmers Update : दमोह में मखाना-अश्वगंधा की नई पहल, धान-बाजरा बेचने के लिए 10 अक्टूबर से पहले कराएं रजिस्ट्रेशन

MP Farmers Update : दमोह जिले के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है. अब वे पारंपरिक खेती के साथ मखाना और अश्वगंधा जैसी नकदी फसलों से ज्यादा मुनाफा कमा सकेंगे. साथ ही, जैविक उत्पादों के लिए विशेष हाट बाजार शुरू किए गए हैं.

MP Farmers Update : दमोह जिले के किसानों के लिए राहत और फायदे की बड़ी खबर है. 'बलराम कृषि महोत्सव' के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से सीधे जुड़ते हुए उनके खेतों में पानी पहुंचाने और कमाई बढ़ाने को लेकर कई जरूरी बातें शेयर कीं. सरकार का जोर इस बात पर है कि किसान केवल पुरानी फसलों पर निर्भर न रहें, बल्कि आधुनिक खेती और सही बाजार से जुड़कर अपनी उपज का पूरा मोल पा सकें.

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पारंपरिक फसलों के साथ मखाना और अश्वगंधा को बढ़ावा

किसानों की आमदनी बढ़ाने और जोखिम कम करने के उद्देश्य से सरकार बुंदेलखंड क्षेत्र में फसल विविधीकरण (क्रॉप डायवर्सिफिकेशन) पर जोर दे रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के 100 से अधिक किसानों को अश्वगंधा की उन्नत खेती का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसके अलावा दमोह और आसपास के इलाकों में मखाना उत्पादन को भी बड़े स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ नकदी फसलों से बेहतर मुनाफा कमा सकें.

जैविक खेती के लिए सभी ब्लॉकों में हाट बाजार शुरू

प्राकृतिक और जैविक खेती को बाजार से जोड़ने के लिए ठोस पहल की गई है. दमोह जिले के सभी 7 विकासखंडों में विशेष हाट बाजार शुरू किए जा चुके हैं. इन बाजारों के जरिए किसान अपने जैविक उत्पादों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे उपभोक्ताओं तक सही और वाजिब दामों पर पहुंचा सकेंगे.

1.35 लाख हेक्टेयर में सूक्ष्म सिंचाई और केन-बेतवा का लाभ

जिले में पानी के संकट को हमेशा के लिए समाप्त करने के लिए 1.35 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सूक्ष्म सिंचाई (माइक्रो-इरिगेशन) के दायरे में लाने का लक्ष्य तय किया गया है. मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राष्ट्रीय केन-बेतवा लिंक परियोजना पूरे बुंदेलखंड और खासकर दमोह के किसानों के लिए वरदान साबित होगी, जिससे हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचेगा.

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MSP पर उपज बेचने के लिए 10 अक्टूबर तक कराएं पंजीयन

खरीफ फसलों की सरकारी खरीद को लेकर मुख्यमंत्री ने किसानों से समय पर पंजीकरण कराने की अपील की. धान, ज्वार और बाजरा को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने के लिए किसान 10 अक्टूबर 2026 तक अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से करा सकते हैं, ताकि उपार्जन प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो.

कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन?

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर पंजीयन कराने के लिए किसान भाई राज्य के ई-उपार्जन पोर्टल (mpeuparjan.nic.in) का उपयोग कर सकते हैं. इसके अलावा आप अपने गांव या नजदीकी सरकारी सुविधा केंद्र, सहकारी समिति या एमपी ऑनलाइन सेंटर पर जाकर भी फॉर्म भरवा सकते हैं. इसके लिए बस आधार कार्ड, आधार-लिंक्ड बैंक खाता नंबर, समग्र आईडी और जमीन के खसरा/ऋण पुस्तिका के दस्तावेज साथ लेकर जाएं.

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By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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