MP Election Results: मध्यप्रदेश में बन रही BJP की सरकार, जानिए शिवराज, कमलनाथ सहित इन 10 चर्चित चेहरों का हाल

जैसा कि बीजेपी मध्य प्रदेश में सत्ता बरकरार रखने के लिए तैयार है, एक बार फिर कांग्रेस को शिकस्त मिल रही है. आइये आपको राज्य के 10 बड़े चेहरे का हाल बताते हैं. इसमें शिवराज सिंह चौहान, कमल नाथ और नरेंद्र सिंह तोमर शामिल हैं.

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस पार्टी सत्तारूढ़ भाजपा को कड़ी टक्कर दे रही है, फिलहाल वोटों की गिनती जारी है. मध्य प्रदेश में बीजेपी बड़ी सीटों के साथ आगे चल रही है. रुझानों में इंदौर-1 से बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव एवं बीजेपी उम्मीदवार कैलाश विजयवर्गीय आगे हैं. वहीं कमलनाथ और शिवराज सिंह चौहान भी अपने गढ़ में विजयी होने की राह पर आगे बढ़ रहे हैं. आइये जानते हैं कि राज्य के 10 प्रमुख उम्मीदवारों का क्या हाल है. इसमें सूची में बीजेपी और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं को शामिल किया गया है.

1.कमलनाथ (कांग्रेस) सीट- छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा में बीजेपी के बंटी साहू का मुकाबला कांग्रेस के कमलनाथ से है. कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में बीजेपी कड़ी टक्कर में है. हालांकि रुझानों के अनुसार इस वक्त कमलनाथ आगे है. बता दें कि साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने इलाके की सातों की सातों विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी. इस बार पूरे प्रदेश की नजर छिंदवाड़ा विधानसभा सीट पर है, जहां से पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ दूसरी बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं.


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2. शिवराज सिंह चौहान (बीजेपी) सीट- बुधनी

सीहोर जिले की बुधनी सीट पर मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है, क्योंकि यहां से बीजेपी के उम्मीदवार सीएम शिवराज सिंह चौहान हैं. वह चौथी बार बुधनी से चुनाव लड़ रहे हैं और इस चुनाव में भी आगे हैं. उनका मुकाबला टीवी सीरियल रामायण में हनुमान की भूमिका निभाने वाले कांग्रेस के विक्रम मस्तान से है. पिछले 2018 के चुनाव में अरुण यादव का मुकाबला शिवराज से था. शिवराज ने उन्हें 58,999 वोटों से हरा दिया.

3. नरेंद्र सिंह तोमर (बीजेपी) सीट- दिमनी

बीजेपी पार्टी ने नरेंद्र सिंह तोमर पर बड़ा भरोसा जताते हुए उन्हें विधानसभा चुनाव में उतारा है, क्योंकि 2018 के बाद इस सीट पर दो चुनाव हुए हैं, दोनों में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था. वहीं, कांग्रेस ने अपने विधायक रवींद्र सिंह तोमर को ही टिकट दिया है. हालांकि शुरुआती रुझानों में बहुजन समाज पार्टी के बलवीर सिंह दंडोतिया आगे हैं.


4. प्रह्लाद सिंह पटेल (बीजेपी) सीट- नरसिंहपुर

मध्यप्रदेश जिले की सबसे चर्चित सीट नरसिंहपुर है. इस सीट पर कांग्रेस की भी अच्छी पकड़ है. नरसिंहपुर की जनता ने कांग्रेस को कई बार मौका दिया है. प्रह्लाद सिंह पटेल के मैदान में उतरने से कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. वहीं, प्रह्लाद सिंह पटेल अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं और रुझानों में आगे है.

5. कैलाश विजयवर्गीय (बीजेपी) सीट- इंदौर 1

इंदौर-1 विधानसभा में बीजेपी के कैलाश विजयवर्गीय और कांग्रेस के संजय शुक्ला के बीच कड़ी टक्कर है. हालांकि इस मतगणना में बीजेपी आगे दिखाई दे रही है. बता दें कि इंदौर जिले में नौ विधानसभा सीटें हैं. इनमें से छह सीटों पर बीजेपी का कब्जा है.


6. फग्गन सिंह कुलस्ते (बीजेपी) सीट-निवास

पिछले दो चुनावों में हार के बाद 2003 के चुनाव से बीजेपी लगातार इस सीट पर चुनाव जीत रही थी. यहां फग्गन सिंह कुलस्ते के भाई रामप्यारे कुलस्ते तीन बार विधायक रहे, लेकिन 2018 में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी अशोक मर्सकोले ने 28 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया था. इस बार भी वह पीछे है. चैनसिंह वरकडे जीत रहे हैं.

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7. जीतू पटवारी (कांग्रेस) सीट- राऊ

2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के जीतू पटवारी ने यह सीट छीन ली थी. तब से जीतू पटवारी दो बार चुनाव जीत चुके हैं. 2023 में भी कांग्रेस पार्टी ने जीतू पटवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है. हालांकि इस बार वह पीछे चल रहे हैं. वहीं बीजेपी ने मधु वर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है. वह फिलहाल आगे हैं.


8. जयवर्धन सिंह (कांग्रेस) सीट- राघौगढ़

जयवर्धन ने पहली बार 2013 में राघौगढ़ से चुनाव लड़ा और 59,000 वोटों से जीत हासिल की. उस साल वह सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से जीतने वाले कांग्रेस विधायक थे. 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी भूपेन्द्र सिंह रघुवंशी ने उन्हें कड़ी टक्कर दी थी. 2023 में बीजेपी ने हिरेंद्र सिंह बंटी को अपना उम्मीदवार बनाया है. वहीं, कांग्रेस की ओर से जयवर्धन सिंह मैदान में हैं. रुझानों के मुताबिक वह आगे चल रहे हैं.

9. नरोत्तम मिश्रा (बीजेपी) सीट- दतिया

दतिया विधानसभा सीट पर 20 साल से बीजेपी का कब्जा है. दतिया सीट के इतिहास की बात करें तो पिछले तीन चुनावों से मुख्य मुकाबला नरोत्तम मिश्रा और भारती राजेंद्र के बीच ही रहा है. लेकिन इस चुनाव में भारती राजेंद्र आगे चल रहे हैं, वहीं नरोत्तम पीछे है.

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10. अजय सिंह राहुल (कांग्रेस) सीट- चुरहट

पूर्व सीएम अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह ने 1998 में इस सीट से चुनाव लड़ा और विजयी हुए. इसके बाद वह लगातार इसी सीट से चुने जाते रहे. 1998 के बाद 2003, 2008 और 2013 के चुनाव में अजय सिंह विजयी रहे. हालांकि, 2018 में बड़ा उलटफेर हुआ जब बीजेपी के शरदेंदु तिवारी ने अजय सिंह को कड़े मुकाबले में हरा दिया. इस बार अजय सिंह आगे चल रहे हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Ashish Lata

आशीष लता डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के साथ एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का अनुभव रखने वाली आशीष ने एंटरटेनमेंट से लेकर देश-दुनिया और विभिन्न राज्यों की खबरों पर गहराई से काम किया है. बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी खबरों के कंटेंट प्रोडक्शन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. वह खबरों को आसान, रोचक और पाठकों की रुचि के अनुसार पेश करने के लिए जानी जाती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

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