बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक के दौरान फ्लोर लीडर्स को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने कहा, "जनता की आवाज को संसद में सुने जाने दें. प्रश्नकाल चलने दें और महत्वपूर्ण विधेयकों पर सार्थक चर्चा करें."
जनता के मुद्दे गलियारे में इंतजार नहीं कर सकते: स्पीकर
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा- जनता से जुड़े मुद्दों को दरकिनार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा, "जनता के मुद्दे गलियारों में इंतजार नहीं कर सकते. उन पर इसी सदन के पटल पर चर्चा, बहस और उनका समाधान होना चाहिए." उन्होंने सभी दलों से अपील करते हुए कहा, "लोकतंत्र और देश की जनता के हित में कृपया सहयोग करें और सदन को चलने दें."
सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार: किरेन रिजिजू
दूसरी ओर, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर जानबूझकर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों और आंदोलनों पर विस्तृत चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है. रिजिजू ने कहा, "हमारी तरफ से प्रस्ताव स्पष्ट है, लेकिन जब गृह मंत्री सदन में आधिकारिक जवाब दें, तो विपक्ष को हंगामा कर रुकावट नहीं डालनी चाहिए. चर्चा की शुरुआत के बाद सभी को पूरी बात ध्यान से सुननी चाहिए."
विपक्ष का प्रदर्शन और हंगामे के बीच विधेयक पेश
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर दान से जुड़े आरोपों को लेकर विपक्षी सांसदों ने सोमवार को भी जोरदार हंगामा किया. जिसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. चालू मानसून सत्र में लगातार हो रहे व्यवधान के कारण अब तक पारित आठ में से छह विधेयक बिना किसी चर्चा के पास हुए हैं.
भारी हंगामे के बीच ही सोमवार को लोकसभा में चार प्रमुख विधेयक पेश किए गए
- ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2026
- खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026
- केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026
- राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026
