VB-G Ram G Scheme केंद्र सरकार ने सोमवार (11 जुलाई) को घोषणा की है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह नया विकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (वीबी-जी राम जी योजना) 1 जुलाई से पूरे देश में लागू किया जाएगा. नई व्यवस्था के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब साल में 100 की जगह 125 दिन के वैतनिक रोजगार की गारंटी मिलेगी.
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया ऐतिहासिक बदलाव
ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) ने इस बदलाव को भारत की ग्रामीण विकास संरचना में एक ऐतिहासिक परिवर्तन बताया है. मंत्रालय ने कहा कि यह विकसित भारत 2047 की अवधारणा के अनुरूप है. सरकार की अधिसूचना के मुताबिक नया कानून 1 जुलाई से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगा और उसी दिन से मनरेगा खत्म हो जाएगा.
श्रमिकों पर नहीं पड़ेगा असर
सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बदलाव से श्रमिकों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा. 30 जून तक के सभी मनरेगा कार्य सुरक्षित रहेंगे और उन्हें नए ढांचे में बिना रुकावट स्थानांतरित किया जाएगा. ई-केवाईसी सत्यापित जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं हो जाते.
125 दिन की रोजगार गारंटी
नए मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्य, जो अकुशल श्रम के लिए स्वेच्छा से काम करते हैं, उन्हें एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का रोजगार मिलेगा. यह मनरेगा की 100 दिन की गारंटी से अधिक है. रोजगार समय पर उपलब्ध न कराने की स्थिति में श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया गया है.
बजट और खर्च
सरकार के अनुसार साल 2026-27 के लिए ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम का बजट 95,692.31 करोड़ रुपये तय किया गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है. राज्यों के योगदान को मिलाकर कुल खर्च 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है.
मनरेगा कब हुआ था शुरू?
महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लोयमेंट गारंटी एक्ट (मनरेगा, MGNREGA) की शुरुआत 2006 में आंध्रप्रदेश में हुई, बाद में इसे पूरे देश में लागू किया गया. 1 जुलाई 2026 से इस कानून की जगह विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक 2025 (Viksit Bharat- Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) Act) लागू किया जा रहा है.
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