PM Modi: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली प्रचंड जीत ने साफ संकेत दे दिया है कि देश की राजनीति में बीजेपी का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है. 2026 के चुनाव में बंगाल में कमल सिर्फ खिला ही नहीं, बल्कि ऐसा भगवा लहराया जिसने टीएमसी की 15 साल पुरानी सत्ता को ध्वस्त कर दिया. वहीं, असम में लगातार तीसरी जीत और केरल-तमिलनाडु जैसे राज्यों में पार्टी की बढ़ती पकड़ ने भी यह साबित किया कि बीजेपी का जनाधार तेजी से विस्तार कर रहा है.
इन सफलताओं के केंद्र में कहीं न कहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और नेतृत्व शामिल है. यह न सिर्फ एनडीए की राजनीतिक मजबूती को दिखा रहा है, बल्कि यह भी संकेत दे रहा है कि देश की नब्ज पर पीएम मोदी की पकड़ अभी भी बेहद मजबूत है. बदलते वोटिंग ट्रेंड्स और राजनीतिक समीकरण इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि आने वाले सालों में भी पीएम मोदी भारतीय राजनीति के केंद्र में बने रह सकते हैं. ब्लूमबर्ग (Bloomberg) की एक रिपोर्ट ने भी इस आकलन को और मजबूती दी है.
2029 में बहुमत हासिल करने के रास्ते पर पीएम मोदी- ब्लूमबर्ग
पिछले सप्ताह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत और दक्षिण भारत के राज्यों तमिलनाडु और केरल में सत्ता परिवर्तन ने विपक्ष को झटका दिया है. इन नतीजों ने यह संकेत दिया है कि भारतीय जनता पार्टी का प्रभाव अब केवल हिंदी पट्टी या उत्तरी राज्यों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के दूसरे हिस्सों में भी तेजी से बढ़ रहा है. ब्लूमबर्ग (Bloomberg) के वोटिंग पैटर्न पर आधारित एक विश्लेषण के अनुसार 75 साल के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी उस राजनीतिक रणनीति को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं, जिसका लक्ष्य 2029 में होने वाले अगले लोकसभा चुनाव में बीजेपी को फिर से पूर्ण बहुमत दिलाना है.
2030 के बाद भी सत्ता में बने रह सकते हैं पीएम मोदी
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक फिर से मजबूत हुए मोदी ने 2030 के बाद भी भारत में सत्ता में बने रहने का रास्ता साफ कर दिया है. वोटिंग के रुझानों के विश्लेषण से पता चलता है कि बीजेपी के नेता हिंदू बहुसंख्यक आबादी को एकजुट करने में कामयाब हो रहे हैं. 2024 की भारत की झुलसा देने वाली गर्मियों में, राष्ट्रीय चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थोड़ी सी लड़खड़ाहट ने यह संकेत दिया था कि उनका एक दशक लंबा शासन शायद अब खत्म होने वाला है. लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि वह अगले दशक तक भी सत्ता में बने रहने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
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