बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया, ओडिशा में छह दिनों तक बारिश का अलर्ट

Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव 48 घंटे में तीव्र हो सकता है. इसके कारण ओडिशा में बारिश की संभावना है.

Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) का अनुमान है कि श्रीलंका के उत्तरी तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दाब क्षेत्र अगले 48 घंटों में और तीव्र हो सकता है. इसके कारण ओडिशा के कई हिस्सों में अगले छह दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है.

चक्रवाती परिसंचरण से बना सिस्टम

आईएमडी के अनुसार यह सिस्टम मन्नार की खाड़ी और श्रीलंका के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के प्रभाव से विकसित हुआ है. यह परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है.

48 घंटे में और तीव्र होने की संभावना

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह निम्न दाब क्षेत्र अगले 48 घंटों में और मजबूत हो सकता है, जिससे मौसम गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी. कई इलाकों में इसके कारण बारिश की संभावना है.

ओडिशा के 21 जिलों में बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) के भुवनेश्वर केंद्र के अनुसार राज्य के 21 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है.

ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

मयूरभंज जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य 20 जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है.

निम्न दबाव के डिप्रेशन और साइक्लोन बनने के आसार

स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, निम्न दाब क्षेत्र बनने के अगले ही दिन यह सिस्टम और अधिक मजबूत हो सकता है. इसके बाद अगले 48 घंटों में इसके डिप्रेशन या गहरे डिप्रेशन में बदलने की संभावना है. हालांकि, मौजूदा आंकड़ों के आधार पर अभी किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है. स्काईमेट वेदर का अनुमान है कि समुद्री परिस्थितियां और मौसमी पैटर्न इस सिस्टम को कमजोर चक्रवाती तूफान में बदलने के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं. यदि यह पैटर्न और मजबूत होता है, तो इसका असर दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है.

Also Read: 11,12,13,14 मई तक भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >