Ministry of Home Affairs:केंद्रीय गृह मंत्रालय (The Ministry of Home Affairs) ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (Foreign Contribution Regulation Act) के तहत नए संशोधित नियम 2026 जारी किए हैं. इन नियमों में पहली बार धार्मिक श्रेणी के अंतर्गत आने वाली गतिविधियों की विस्तृत सूची तय की गई है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सरकार का कहना है कि इससे विदेशी फंडिंग प्राप्त करने वाले संगठनों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी.
मंदिर, मस्जिद, चर्च के निर्माण और रखरखाव को अनुमति
केंद्र सरकार द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा, मठ, सिनेगॉग और अन्य धार्मिक स्थलों के निर्माण, मरम्मत, नवीनीकरण और रखरखाव जैसी गतिविधियों को धार्मिक उद्देश्य के तहत मान्यता दी गई है. इसके अलावा धार्मिक ग्रंथों के संरक्षण, अनुवाद, प्रकाशन और डिजिटलीकरण की भी अनुमति दी गई है.
तीर्थयात्रियों की सुविधाओं पर खर्च
केंद्र सरकार द्वारा जारी नए नियमों में तीर्थयात्रियों के लिए धार्मिक स्थलों पर पीने के पानी, शौचालय, आश्रय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने, धर्मशालाओं, लंगरों, अन्नदान और सामुदायिक रसोई के संचालन को भी वैध धार्मिक गतिविधियों में शामिल किया गया है. इसके साथ ही धार्मिक दर्शन, इतिहास और संस्कृति के अध्ययन से जुड़े संस्थानों को भी विदेशी फंडिंग मिल सकेगी.
धर्मांतरण गतिविधियों पर पूरी तरह रोक
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी नए नियमों में किसी भी प्रकार की धर्मांतरण (प्रोसिलिटाइजेशन) गतिविधि को धार्मिक उद्देश्य नहीं माना जाएगा. नए गाइडलाइन में धार्मिक शिक्षा, प्रवचन, सत्संग, ध्यान शिविर, भजन-कीर्तन, धार्मिक नाट्य कला तथा आदिवासी और पारंपरिक आस्था प्रणालियों के संरक्षण को अनुमति दी गई है.
की फंक्शनरी की नई परिभाषा
संशोधन में “की फंक्शनरी” शब्द जोड़ा गया है.इसके तहत ट्रस्टी, निदेशक, साझेदार, पदाधिकारी, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के कार्यकर्ता और संगठन का संचालन करने वाले अन्य जिम्मेदार लोगों को शामिल किया गया है. इससे संस्थाओं के संचालकों की जवाबदेही का तय की जाएगी.
विदेशी नागरिकों वाले संगठनों पर कड़ी शर्त
सरकार के नए नियमों के मुताबिक भारतीय मूल के लोगों को छोड़कर यदि किसी संस्था में विदेशी नागरिक धार्मिकमठ या मंदिर के प्रमुख पद पर है, तो उसे सामान्य तौर पर विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम पंजीकरण नहीं मिलेगा, जब तक कि उस विदेशी व्यक्ति को सरकार द्वारा विशेष अनुमति नहींं मिल जाती है.
फंड का 75 प्रतिशत खर्च करना होगा अनिवार्य
सरकार ने यह भी तय किया है कि किसी संस्था को विदेशी फंड की अगली किश्त तभी मिलेगी, जब वह पहले प्राप्त धनराशि का कम से कम 75 प्रतिशत उपयोग कर चुकी हो. इसके साथ ही सोशल मीडिया अकाउंट, वेबसाइट और प्रकाशनों की जानकारी देना भी अनिवार्य किया गया है.
एक साल में अपडेट देना होगा
सभी मौजूदा विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (Foreign Contribution Regulation Act) संगठनों को एक वर्ष के भीतर अपनी गतिविधियों, उद्देश्यों और कार्यक्षेत्र से जुड़ी जानकारी केंद्र सरकार को देनी होगी. गृह मंत्रालय का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य विदेशी फंडिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुव्यवस्थित बनाना है.
