मिडिल ईस्ट संकटः पीएम मोदी कल करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक, इन राज्यों के सीएम नहीं होंगे शामिल

Middle East Crisis: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सभी राज्यों मुख्यमंत्रियों के साथ मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष पर चर्चा करेंगे. पीएम मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ देश में ईंधन की उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था और संभावित संकट से निपटने की तैयारियों पर बातचीत कर सकते हैं.

Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे. पीएम मोदी सभी सीएम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करेंगे. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मौजूदा हालात को देखते हुए राज्यों की तैयारियों, योजनाओं और केंद्र-राज्य तालमेल की समीक्षा करना है. केंद्र सरकार संकट की घड़ी में राज्य सरकार के साथ टीम इंडिया की भावना के साथ काम करने की कोशिश कर रही है. इससे पहले केंद्र सरकार मिडिल ईस्ट क्राइसिस पर सर्वदलीय बैठक भी कर चुकी है.

ईंधन सुरक्षा पर हो सकती है चर्चा

मिडिल ईस्ट में जंग के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ा है. ऐसे में केंद्र सरकार राज्यों के साथ ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा कर सकती है. पीएम मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ देश में ईंधन की उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था और संभावित संकट से निपटने की तैयारियों पर बातचीत कर सकते हैं. बैठक में यह भी चर्चा हो सकती है कि जरूरी वस्तुओं की सप्लाई चेन को कैसे सुचारु रखा जाए. वहीं इस बैठक में चुनावी राज्य शामिल नहीं हो रहे हैं. आचार संहिता लागू होने के कारण वो इस बैठक का हिस्सा नहीं होंगे. चुनाव वाले राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए कैबिनेट सचिवालय की ओर से एक अलग बैठक आयोजित की जाएगी.

बुधवार को हुई थी सर्वदलीय बैठक

इससे पहले केंद्र सरकार ने बुधवार (26 मार्च) को विपक्षी दलों के साथ सर्वदलीय बैठक की थी. बैठक में पश्चिम एशिया के हालात और उसके भारत पर प्रभाव को लेकर चर्चा की गई. सरकार ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, कच्चे तेल और गैस का पर्याप्त भंडार होने के साथ-साथ और शिप होर्मुज से आ रहीं हैं. सरकार की प्राथमिकता प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और घरेलू ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करना है.

राज्यसभा में पीएम मोदी ने दिया था यह बयान

इससे पहले मंगलवार को पीएम मोदी भी राज्यसभा में बता चुके हैं कि मिडिल ईस्ट में जारी लड़ाई के चलते जो स्थिति बनी है, उससे निपटने के लिए सात नये अधिकार संपन्न समूहों का गठन किया गया है. ये समूह एलपीजी, जरूरी सेवाओं और वस्तुओं की आपूर्ति सहित अन्य मामलों को देखेंगे और सुझाव देंगे. उन्होंने यह भी कहा था कि मिडिल ईस्ट की जारी जंग ने वैश्विक स्तर पर गंभीर ऊर्जा संकट पैदा किया है. सोमवार को उन्होंने लोकसभा में कहा था कि संघर्ष से उत्पन्न संकट का प्रभाव लंबी अवधि तक रह सकता है. लेकिन, सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.

गैस और फ्यूल लदे जहाज पहुंच रहे हैं भारत

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारतीय जहाज होर्मुज से भारत आ रहे हैं. दो एलपीजी टैंकर, पाइन गैस और जग वसंत, सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत अब पहुंचने वाले हैं. पाइन गैस में 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी लदा है, वहीं, जग वसंत करीब 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी है. इससे पहले एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी भी एलपीजी लेकर सुरक्षित रूप से भारतीय तट पर पहुंच चुका है. भारतीय तेल टैंकर जग लाडकी और जग प्रकाश ने भी सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर लिया था.

ईरान ने दी है भारतीय जहाजों को हार्मुज पार करने की इजाजत

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने भारतीय वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति दी है. इसकी जानकारी ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दी. ईरानी सरकारी टेलीविजन के मुताबिक अराघची ने कहा कि ईरान ने कुछ ऐसे देशों को इस अहम समुद्री मार्ग से आवागमन की इजाजत दी है, जिन्हें वह अपना मित्र मानता है. उन्होंने बताया कि भारत के अलावा चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान को भी होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी गई है.

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Published by: Pritish Sahay

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