कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में मध्यम वर्ग, अस्पतालों में नहीं मिल रही जगह, वैक्सीनेशन पर जोर

कोरोना संकट के दूसरे दौर में सबसे ज्यादा प्रभावित मध्यम वर्ग हुआ है. मध्यम वर्ग में उच्च मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग दोनों शामिल हैं. तेलंगाना में किये गये एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है.

कोरोना संकट के दूसरे दौर में सबसे ज्यादा प्रभावित मध्यम वर्ग हुआ है. मध्यम वर्ग में उच्च मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग दोनों शामिल हैं. तेलंगाना में किये गये एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है. इस संबंध में टाइम्स आॅफ इंडिया ने एक खबर प्रकाशित की है.

कोरोना के पहले चरण में ज्यादातर निम्मवर्ग के लोग प्रभावित हुए थे, तेलंगाना के डायरेक्टर आॅफ पब्लिक हेल्थ डाॅ जी श्रीनिवास राव ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में दो हजार से अधिक लोग एडमिट हैं और प्राइवेट में पांच हजार.

पिछली लहर में जिनमें संक्रमण नहीं दिखा था, वे इस लहर में प्रभावित हो गये हैं. इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने टेस्टिंग बढ़ा दिया है और साथ ही वैक्सीनेशन सेंटर में भी इजाफा किया है.

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अध्ययन में यह बात सामने आयी है कि मध्यम वर्ग ने पिछले दिनों सोशल गैदरिंग में खूब भागीदारी की और कोरोना नियमों का उल्लघंन भी किया.

देश में कोरोना की रफ्तार इन दिनों डरा रही है और आंकड़े डेढ़ लाख से ज्यादा हो गये हैं. साथ ही मौत के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं. अस्पतालों में बेड की कमी है, साथ ही रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी से भी देश गुजर रहा है.

Posted By : Rajneesh Anand

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