भारत में भी पाकिस्तान जैसे हालात, केंद्र सरकार कर रही सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग : महबूबा मुफ्ती

पाकिस्तान में जो कुछ गलत हो रहा है कुछ वैसी ही स्थिति अपने देश में भी है. मंत्रियों को जेल जाना पड़ रहा है. यह कानून की बात है, लेकिन अभी जिस तरह लालू यादव और उनके परिवार से, सिसौदिया से, के कविता से पूछताछ हो रही है, वह सरकारी एजेंसियों का गलत इस्तेमाल है.

पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती ने आज केंद्र सरकार पर सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में इमरान खान को गिरफ्तार करने की जो कोशिश हो रही है वह गलत तो है, लेकिन हमारे देश में जिस तरह सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है, उसे क्या कहा जायेगा.

सरकारी एजेंसियों का गलत इस्तेमाल

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पाकिस्तान में जो कुछ गलत हो रहा है कुछ वैसी ही स्थिति अपने देश में भी है. मंत्रियों को जेल जाना पड़ रहा है. यह कानून की बात है, लेकिन अभी जिस तरह लालू यादव और उनके परिवार से, सिसौदिया से, के कविता से पूछताछ हो रही है, वह सरकारी एजेंसियों का गलत इस्तेमाल है.


महबूबा ने किया शिवलिंग पर जलाषिभेक

महबूबा मुफ्ती दो दिवसीय पुंछ दौरे पर हैं, उसी दौरान उन्होंने यह बात कही. महबूबा मुफ्ती की चर्चा आज सुबह से ही हो रही है, क्योंकि उन्होंने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया है. साथ ही उन्होंने नवग्रह मंदिर की परिक्रमा भी की.

भाजपा का आरोप ढोंग कर रही है महबूबा

महबूबा मुफ्ती के इस बदले हुए स्वरूप को भाजपा ने ढोंग बताया है. भाजपा की ओर से यह कहा गया कि महबूबा मुफ्ती का असली चेहरा वही है जो उन्होंने 2008 में अमरनाथ श्राइन बोर्ड को जमीन आवंटित करने का विरोध किया था.

इस्लाम के खिलाफ किया आचरण

वहीं दूसरी ओर इस्लाम के धर्मगुरुओं ने महबूबा मुफ्ती द्वारा जलाषिभेक करने को इस्लाम विरोधी बताया. उन्होंने कहा कि इस्लाम में बुतपरस्ती मना है. देवबंद के मौलाना ने कहा कि महबूबा ने जो कुछ किया वह इस्लाम के खिलाफ है और उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था.

इमरान पर  लटक रही गिरफ्तारी की तलवार

ज्ञात हो कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर पिछले कुछ समय से गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. आरोप है कि जिस वक्त वे प्रधानमंत्री थे उस वक्त उन्होंने उपहार में मिली वस्तुओं को तोशखाने से कम कीमत पर खरीदा. हालांकि अबतक इमरान खान की गिरफ्तारी संभव नहीं हो पायी है. उनके नाम पर गैरजमानती वारंट निकला हुआ है. उनके समर्थकों के भारी विरोध की वजह से उनकी गिरफ्तारी अबतक नहीं हुई है.

Also Read: झारखंड में शुरू हुआ एनर्जी मिक्सिंग का दौर, सोलर विलेज के जरिये किया जायेगा जस्ट ट्रांजिशन

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >