Manmohan Singh Video: जब मनमोहन सिंह ने कहा था, 'हजारों जवाबों से अच्छी है मेरी खामोशी', देखें पूर्व पीएम का आखिरी भाषण

Manmohan Singh Last speech: देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का गुरुवार रात निधन हो गया.उन्होंने दिल्ली एम्स में 92 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. उन्होंने अपने आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो बातें कहीं थीं, उसे लोग आज खुब याद कर रहे हैं.

Manmohan Singh Last speech: डॉ मनमोहन सिंह 2014 में जब प्रधानमंत्री पद से हट रहे थे, तो उससे पहले उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था. जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका नेतृत्व कमजोर नहीं है और इतिहास उनके प्रति दयालु होगा. उन्होंने कहा था, ‘‘मैं यह नहीं मानता कि मैं एक कमजोर प्रधानमंत्री रहा हूं. मैं ईमानदारी से यह मानता हूं कि इतिहास मेरे प्रति समकालीन मीडिया या संसद में विपक्ष की तुलना में अधिक दयालु होगा. राजनीतिक मजबूरियों के बीच मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया है. परिस्थितियों के अनुसार मैं जितना कर सकता था, उतना किया है. यह इतिहास को तय करना है कि मैंने क्या किया है या क्या नहीं किया है.’’

जब मनमोहन सिंह ने कहा था, ‘हजारों जवाबों से अच्छी है मेरी खामोशी’

डॉ मनमोहन सिंह पर जब बीजेपी ने भ्रष्टाचार से घिरी हुई सरकार चलाने का आरोप लगाया था, और उनको ‘मनमोहन सिंह’ की संज्ञा दी थी, तब मनमोहन सिंह ने कहा था, “हजारों जवाबों से अच्छी है मेरी खामोशी.” कोयला घोटाले पर अपनी चुप्पी को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा था, “मेरा सामान्य अभ्यास है कि मैं अपने खिलाफ की गई आलोचना का जवाब नहीं देता. मेरा दर्शन रहा है कि हजारों जवाबों से अच्छी है मेरी खामोशी.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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