Manipur Violence: मणिपुर में आदिवासी महिलाओं ने किया प्रदर्शन, मोरेह से पुलिस बल हटाने की मांग

कुकी-जो समुदाय की हजारों महिलाओं ने पुलिस बलों को मोरेह कस्बे में दाखिल होने से रोकने के लिए 28 जुलाई को सड़क को अवरुद्ध कर दिया था. इंडियन रिजर्व बटालियन और मणिपुर राइफल्स सहित अन्य सुरक्षा बलों का दस वाहनों का एक काफिला जब मोरेह कस्बे की तरफ बढ़ रहा था, तब महिलाओं ने उसे तेंगनौपाल में रोक दिया था.

मणिपुर पिछले 90 दिनों से हिंसा की आग में जल रहा है. रोजाना वहां से नयी-नयी घटनाएं सामने आ रही हैं. राज्य में महिलाएं सड़क पर उतरकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही हैं. सोमवार को भी पुलिस बल को हटाने की मांग करते हुए आदिवासी महिलाओं ने प्रदर्शन किया.

महिलाओं ने दी व्यापक आंदोलन की धमकी

इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने सोमवार को धमकी दी कि अगर राज्य सरकार मोरेह से राज्य पुलिस बल के जवानों को तुरंत वापस नहीं बुलाती है तो मणिपुर के सभी आदिवासी जिलों में आंदोलन शुरू किया जाएगा. इससे कुछ घंटे पहले ही, राज्य के चुराचांदपुर जिले में एक हजार से अधिक महिलाओं ने म्यांमा की सीमा से सटे मोरेह कस्बे से राज्य पुलिस बलों को हटाने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया. आईएलटीएफ ने कहा, निष्पक्षता एवं तटस्थता बनाए रखने के लिए, सरकार से मोरेह से (राज्य के) सुरक्षा कर्मियों को वापस बुलाने का हम विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हैं. इसके साथ ही संगठन ने कहा कि अगर यह मांग नहीं मानी गई तो, हम सभी आदिवासी जिलों में जन आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे.

प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप, उग्रवादी समूहों से मिले हैं पुलिस अधिकार

आईएलटीएफ नेताओं ने कहा कि वे मणिपुर सरकार द्वारा मोरेह शहर में राज्य सुरक्षा बलों को तैनात करने के सरकार के प्रयास से चिंतित है, जहां कुकी-जो आदिवासी रहते हैं. कुकी समुदाय का आरोप है कि राज्य पुलिस में मैतेई कर्मियों की खासी संख्या है और उसका रवैया पक्षपातपूर्ण है. आईटीएलएफ ने कहा कि उसे आशंका है कि उग्रवादी समूहों के सदस्य पुलिस के साथ मिले हुए हैं और वे अगर मोरेह में प्रवेश करते हैं तो भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं. उसने कहा कि तेंगनौपाल में ज्यादातर पुलिसकर्मी बहुसंख्यक समुदाय से हैं. आईटीएलएफ ने कहा, मोरेह में आदिवासी महिलाएं राज्य बलों को सीमावर्ती कस्बे में प्रवेश करने से रोकने के प्रयास में राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर रही हैं.

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मोरेह कस्बे में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों को प्रवेश करने से रोका

कुकी-जो समुदाय की हजारों महिलाओं ने पुलिस बलों को मोरेह कस्बे में दाखिल होने से रोकने के लिए 28 जुलाई को वहां जाने वाली सड़क को अवरुद्ध कर दिया था. इंडियन रिजर्व बटालियन और मणिपुर राइफल्स सहित अन्य सुरक्षा बलों का दस वाहनों का एक काफिला जब मोरेह कस्बे की तरफ बढ़ रहा था, तब महिलाओं ने उसे तेंगनौपाल में रोक दिया था.

विपक्षी सांसदों की टीम ने मणिपुर का किया दौरा

एक दिन पहले ही, विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) ने कहा था कि अगर मणिपुर में जातीय संघर्ष की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो पूरे देश के समक्ष सुरक्षा संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

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मणिपुर हिंसा में अबतक कुल 160 लोगों की हो चुकी है मौत

गौरतलब है कि मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में तीन मई को ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद राज्य में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

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करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

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