Manipur Violence: मणिपुर में अब भी स्थिति तनाव पूर्ण, सेना के जवान की अपहरण के बाद हत्या

कुकी समूह राज्य पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगा रहे हैं. पिछले महीने राज्य के 10 कुकी विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की थी कि राज्य से असम राइफल्स को हटाया नहीं जाए. उन्होंने कहा कि ऐसा किया गया तो आदिवासियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है.

मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले के खुनिंगथेक गांव में रविवार को भारतीय सेना के एक जवान का शव मिला. अधिकारियों ने बताया कि जवान की पहचान कांगपोकपी जिले के लीमाखोंग में सेना की रक्षा सुरक्षा कोर (डीएससी) प्लाटून के सिपाही सेर्टो थांगथांग कोम के रूप में हुई है. अधिकारियों ने कहा कि वह इंफाल पश्चिम के तरुंग का रहने वाला था.

हथियारबंद लोगों ने सिपाही का कर लिया था अपहरण

अधिकारियों ने बताया कि अज्ञात हथियारबंद लोगों ने शनिवार की सुबह करीब अवकाश पर आए सिपाही कोम का सुबह 10 बजे उनके घर से अपहरण कर लिया था. मामले के प्रत्यक्षदर्शी और कोम के 10 वर्षीय बेटे के अनुसार तीन लोग उसके घर में तब दाखिल हुए जब वह अपने पिता के साथ बरामदे में काम कर रहा था. अधिकारियों ने उनके बेटे के हवाले से कहा, हथियारबंद लोगों ने सिपाही को बंदूक दिखाकर जबरदस्ती सफेद रंग के एक वाहन में बिठाया और मौके से फरार हो गए. उन्होंने कहा, रविवार सुबह तक सिपाही कोम की कोई खबर नहीं मिली. सुबह 9.30 बजे के आसपास उनका शव इंफाल पूर्व जिले के खुनिंगथेक गांव में मिला.

सैनिक के सिर पर गोली लगने का निशान

अधिकारियों के अनुसार, जवान की पहचान की पुष्टि उनके भाई और एक रिश्तेदार ने की. उन लोगों ने बताया कि सैनिक के सिर पर गोली लगने का निशान था. सिपाही कोम के परिवार में पत्नी, बेटी और बेटा है. अधिकारियों ने कहा कि अंतिम संस्कार परिवार की इच्छा के अनुसार किया जाएगा. सेना ने शोकसंतप्त परिवार की सहायता के लिए एक टीम भेजी है.

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पिछले दिनों रक्षा मंत्री से मैतेई समुदाय के प्रतिनिधियों ने की मुलाकात

इंफाल घाटी स्थित मैतेई समूहों के संगठन ‘कॉर्डिनेशन कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी’ (कोकोमी) के प्रतिनिधियों ने पिछले दिनों रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से राजधानी दिल्ली में मुलाकात की और राज्य से असम राइफल्स को वापस बुलाने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि यह बल पक्षपातपूर्ण तरीके से काम कर रहा है.

मैतेई का दावा कुकी समूहों ने सरकार को असहज स्थिति में डाला

उन्होंने ज्ञापन में दावा किया कि कुकी समूहों ने मणिपुर संकट के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र से संपर्क साधकर सरकार को असहज स्थिति में डाला है.

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मैतेई समुदाय ने रक्षा मंत्री के साथ बातचीत में ये मुद्दे उठाये

मैतेई समुदाय के लोगों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बातचीत में नार्को-आतंकवाद (मादक पदार्थों की तस्करी में आतंकवादी संगठनों की संलिप्तता), अवैध प्रवासियों और उनकी पहचान के साथ ही अभियान संबंधी समझौतों के निलंबन के मुद्दे उठाए.

कुकी समुदाय ने पीएम मोदी से की असम राइफल्स को हटाने की मांग

दूसरी तरफ कुकी समूह राज्य पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगा रहे हैं. पिछले महीने राज्य के 10 कुकी विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की थी कि राज्य से असम राइफल्स को हटाया नहीं जाए. उन्होंने कहा कि ऐसा किया गया तो आदिवासियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है.

मणिपुर हिंसा में अबतक 175 लोगों की मौत

मणिपुर में अनुसूचित जनजाति के दर्जे की मैतेई समुदाय की मांग के खिलाफ पर्वतीय जिलों में गत तीन मई को ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ निकाला गया था. इसी दौरान जातीय हिंसा भड़क गई, जो कई दिनों तक चलती रही और इसमें करीब 175 लोग मारे जा चुके हैं तथा लगभग 1,100 घायल हुए हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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