मणिपुर हिंसा को लेकर की गई सर्वदलीय बैठक में कई मुद्दों पर विमर्श किया गया. एक ओर जहां सरकार ने मणिपुर के मौजूदा हालात से भी दलों को अवगत कराया वहीं बैठक में मौजूद कांग्रेस, टीएमसी और आरजेडी समेत तमाम दलों ने मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह को हटाने की मांग की.
RJD सांसद मनोज झा ने कहा, खुले मन से बात हुई बात
मणिपुर पर हुई सर्वदलिय बैठक के बाद RJD सांसद मनोज झा ने कहा, खुले मन से बात हुई हम सबने अपनी राय रखी. वहां की राजनीतिक नेतृत्व में (लोगों का) अविश्वास है और यह बात सारे विपक्षी दलों ने रखी. हमने कहा कि जो इंसान प्रशासन चला रहा है उसमें कोई विश्वास नहीं है. अगर आपको शांति बहाल करनी है तो आप ऐसे व्यक्ति के रहते नहीं कर सकते
50 दिन बाद सर्वदलीय बैठक
आपको बताएं, पिछले 50 दिनों से जारी मणिपुर हिंसा के बीच केंद्र सरकार ने हालात के मद्देनजर सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी. बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने की. बैठक में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने हिस्सा नहीं लिया है शरद पवार की जगह मणिपुर एनसीपी चीफ सोरन इबोयाइमा सिंह और पार्टी महासचिव नरेंद्र वर्मा शामिल हुए है. वहीं टीएमसी की तरफ से ममता बनर्जी की जगह ड्रेक ओ-ब्रायन सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए हैं. वहीं कांग्रेस की ओर से मणिपुर के मुख्यमंत्री रह चुके इकराम इबोबी सिंह सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए थे.
मणिपुर को कश्मीर बनाने की साजिश- टीएमसी
वहीं बैठक में शामिल हुए टीएमसी प्रतिनिधि ने डेरेक ओब्रायन ने मणिपुर के हालात को लेकर केंद्र पर जोरदार हमला बोल साथ ही उन्होंने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को हटाने की मांग की है. डेरेक ओब्रायन ने कहा की मणिपुर को कश्मीर बनाने की साजिश हो रही है.
दुखद यह है कि प्रधानमंत्री ने इस पर एक शब्द तक नहीं कहा-DMK
वहीं सर्वदलीय बैठक में DMK सांसद तिरुचि शिवाहम ने मणिपुर को लेकर अपनी चिंताएं रखी हैं उन्होंने कहा, 100 लोग मारे गए हैं और करीब 60,000 लोग विस्थापित हुए हैं. इस पर सबसे दुखद यह है कि प्रधानमंत्री ने इस पर एक शब्द तक नहीं कहा. वहां की स्थिति का अच्छे से पता लगाने के लिए एक सर्वदलीय दल को मणिपुर भेजना चाहिए, गृह मंत्री ने हमें आश्वासन दिया है.
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