Manipur Violence: इंफाल में सुरक्षाबलों और भीड़ के बीच झड़प में दो घायल, बीजेपी नेताओं के घर पर हमला

एक सेवानिवृत लेफ्टिनेंट जनरल निशिकांत सिंह ने हिंसाग्रस्त राज्य की तुलना युद्ध ग्रस्त लेबनान और सीरिया से कर दी. उन्होंने ट्वीट किया और लिखा, मणिपुर में स्थिति ऐसी है कि जीवन और संपत्ति किसी के द्वारा कभी भी नष्ट की जा सकती है. जैसे लीबिया, लेबनान, नाइजीरिया और सीरिया में रह रहे हों.

मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. 3 मई से राज्य के कई हिस्सों में संघर्ष जारी है. जिसमें कई लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि कई लोग घायल भी हुए हैं. इस बीच इंफाल से ताजा हिंसा की खबर सामने आ रही है. जिसमें सुरक्षबलों और भीड़ के बीच झड़क हो गयी, जिसमें दो लोग घायल हो गये. एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बीजेपी नेताओं के घर पर आग लगाने की कोशिश की.

केंद्रीय मंत्री आरके रंजन सिंह के मकान में तोड़फोड़, गोदाम जलाया

इंफाल में शुक्रवार को भी हिंसा की खबर आयी. जिसमें दंगाई भीड़ और त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) के बीच झड़प हो गयी. हिंसा कर रहे लोगों ने केंद्रीय मंत्री आरके रंजन सिंह के मकान पर हमला कर तोड़फोड़ की और उसे जलाने का प्रयास किया. वहीं एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी के गोदाम को जला दिया गया है.

सेवानिवृत जनरल ने मणिपुर की स्थिति की तुलना युद्ध ग्रस्त लेबनान और सीरिया से की

मणिपुर के रहने वाले एक सेवानिवृत लेफ्टिनेंट जनरल निशिकांत सिंह ने हिंसाग्रस्त राज्य की तुलना युद्ध ग्रस्त लेबनान और सीरिया से कर दी. उन्होंने ट्वीट किया और लिखा, मणिपुर में स्थिति ऐसी है कि जीवन और संपत्ति किसी के द्वारा कभी भी नष्ट की जा सकती है. जैसे लीबिया, लेबनान, नाइजीरिया और सीरिया में रह रहे हों.

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मणिपुर हिंसा के लिए कांग्रेस ने मोदी सरकार को ठहराया जिम्मेदार

संकटग्रस्त मणिपुर में हिंसा के लिए कांग्रेस ने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेवार ठहराया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री लोगों से बात करने को तैयार नहीं हैं जबकि मुख्यमंत्री हार चुके हैं.

मणिपुर में क्यों भड़की हिंसा? अबतक 100 से अधिक लोगों की हो चुकी है मौत

गौरतलब है कि मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘जनजातीय एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद ये झड़पें शुरू हुई थीं. करीब डेढ़ महीने पहले मेइती और कुकी समुदाय के लोगों के बीच भड़की जातीय हिंसा के बाद से 100 से अधिक लोगों की जान चली गई है. मणिपुर के 11 जिलों में कर्फ्यू लागू है, जबकि अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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