‘मैं अकेले मामले से निपटने में सक्षम’, जानें ममता बनर्जी की खामोशी पर क्या बोलीं टीएमसी स���ंसद महुआ मोइत्रा

लोकसभा की आचार समिति ने ‘पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने’ से जुड़े आरोपों के मामले में सांसद महुआ मोइत्रा का पांच नवंबर के बाद उन्हें बुलाने का अनुरोध अस्वीकार कर दिया है. ममता बनर्जी की खामोशी पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कह दी ये बात

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर फिर एक बार हमला किया है. महुआ मोइत्रा टीवी चैनल पर इंटरव्यू के दौरान अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का खंडन करते नजर आ रहीं हैं जिसको लेकर बीजेपी सांसद ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि टीएमसी सांसद के पास टीवी चैनलों में जाकर इंटरव्यू देने का वक्त है लेकिन लोकसभा की आचार समिति के समक्ष पेश होने का वक्त नहीं है. आपको बता दें कि मोइत्रा ने पिछले दिनों इंडिया टुडे को इंटरव्यू दिया है. उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि मैने अपना संसद लॉगिन और पासवर्ड दर्शन हीरानंदानी को दिया था क्योंकि ऐसा कोई नियम नहीं है कि कौन लॉगिन कर सकता है और कौन नहीं… कैश फॉर क्वेरी विवाद के तूल पकड़ने के बाद महुआ मोइत्रा ने इस बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया.

सोशल मीडिया पर क्या लिखा बीजेपी सांसद ने

मीडिया पर महुआ मोइत्रा के विस्तृत बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स लिखा कि संसदीय समिति की गरिमा बनाए रखने के लिए उन्होंने इस मुद्दे पर कभी मीडिया से बात नहीं की. आरोपी के पास समिति के पास जाने का समय नहीं है, लेकिन मीडिया को इंटरव्यू देने के लिए वक्त है. उन्होंने कहा कि कृपया संसद को निर्णय लेने दें.

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एक टीवी चैनल को दिये इंटरव्यू में सांसद मोइत्रा ने कहा कि दर्शन हीरानंदानी को पैसे देने की जरूरत नहीं है अदाणी के संबंध में प्रश्न करने के लिए…बल्कि मैं खुद अदाणी को लेकर प्रश्न पूछती हूं…मैं दर्शन को पैसे दूंगी अदाणी को लेकर बोलने के लिए. उन्होंने कहा कि यदि दर्शन हीरानंदानी देशभक्त नहीं हैं तो, उन्हें उत्तर प्रदेश में 30,000 करोड़ रुपये का कारोबार करने की अनुमति क्यों दी गई है ? टीएमसी सांसद ने कहा कि उनका मेरे संसद लॉगिन तक पहुंचना एक सुरक्षा मुद्दा है, जबकि प्रति सांसद 10 व्यक्तियों का लॉगिन समान है ऐसा क्यों?

ममता बनर्जी को मेरा बचाव करने की जरूरत नहीं

अपने मुद्दे पर टीएमसी की चुप्पी पर भी सांसद महुआ मोइत्रा ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि पार्टी अपने मुद्दों पर काम कर रही है. दिल्ली में विरोध प्रदर्शन पार्टी करने वाली है. इन फालतू चीजों में पार्टी को पड़ने की जरूरत नहीं है. ममता बनर्जी को मेरे बचाव में उतरने की जरूरत नहीं है. मैं खुद इस मामले से निपटने में सक्षम हूं.

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टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि उनके खिलाफ ‘पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने’ के बीजेपी के आरोप विफल हो गए हैं क्योंकि उनके पास इसका कोई सबूत नहीं है. महुआ ने सवाल किया कि संदिग्ध एफपीआई के स्वामित्व वाले अदाणी को बंदरगाहों और हवाई अड्डों को खरीदने की मंजूरी कैसे मिल गई.

आचार समिति ने महुआ मोइत्रा से दो नवंबर को पेश होने को कहा

यहां चर्चा कर दें कि लोकसभा की आचार समिति ने ‘पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने’ से जुड़े आरोपों के मामले में सांसद महुआ मोइत्रा का पांच नवंबर के बाद उन्हें बुलाने का अनुरोध अस्वीकार कर दिया है. समिति ने उनकी पेशी की तारीख पूर्व निर्धारित तिथि से दो दिन आगे खिसकाकर दो नवंबर कर दी. गौर हो कि मोइत्रा ने उन पर लगे आरोपो की जांच कर रही आचार समिति को शुक्रवार को पत्र लिखा था और कहा था कि वह बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए ‘पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने’ के आरोपों के मामले में अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के चलते समिति के समक्ष 31 अक्टूबर को उपस्थित नहीं हो पाएंगी. उन्होंने कहा था कि वह पांच नवंबर के बाद ही पेश हो सकेंगी.

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By Amitabh kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

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